भोपाल। तीन महीने की राहत के बाद अब जुलाई से बिजली की कीमतें बढ़ने की संभावना है। असल में वित्तीय वर्ष 2021-22 की बिजली टैरिफ पिटीशन पर लगी रोक के मामले में हाईकोर्ट जबलपुर ने सुनवाई पूरी कर ली है। फैसला रिजर्व रखा गया है। शुक्रवार को फैसला आने की उम्मीद थी। अब शनिवार और रविवार के अवकाश होने के कारण सोमवार को फैसला आ सकता है।

टीकमगढ़ के एक वकील निर्मल लोहिया की याचिका पर हाईकोर्ट जबलपुर ने 16 मार्च को बिजली टैरिफ पिटिशन पर रोक लगाई गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि मप्र ऊर्जा नियामक आयोग ने सुनवाई के लिए लोगों को मौका नहीं दिया। पिटिशन पर हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद बिजली दरों की वृद्धि का मामला भी अटक गया है। वैसे इस बार आयोग की मंशा थी कि अप्रैल से पहले ही बिजली की नई दरें घोषित कर दी जाएं और बिजली कंपनियां अप्रैल से प्रदेश में नया टैरिफ लागू कर दें, क्योंकि पिछले तीन साल से अलग-अलग कारणों से बिजली दरें समय पर लागू नहीं हो पा रही हैं। इससे बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ रहा है। 

आयोग की तैयारी पूरी : आयोग और बिजली कंपनियों को फैसले का इंतजार है। सूत्रों का कहना है कि आयोग ने नया टैरिफ घोषित करने की तैयारी कर रखी है। हालांकि आयोग, हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही कोई कदम उठाएगा। माना जा रहा है कि इस बार बिजली की दरों में 4 से 5 फीसदी की वृद्धि की जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि जुलाई से नया टैरिफ लागू किया जा सकता है।
6.23 फीसदी बिजली महंगी करने की मांगी अनुमति :
मप्र पॉवर मैनेजमेंट और तीनों बिजली कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2021-22 की टैरिफ पिटिशन आयोग को सौंपी थी। इसमें 2629 करोड़ रुपए के घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरों में करीब 6.23  प्रतिशत की वृद्धि की अनुमति मांगी गई है।

सुनवाई पूरी, फैसला रिजर्व : बिजली टैरिफ पिटिशन पर हाईकोर्ट जबलपुर ने दोनों पक्षों का पक्ष सुन लिया है। फैसला अभी रिजर्व रखा गया  है।
निर्मल लोहिया, याचिकाकर्ता, टीकमगढ़

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