ग्वालियर। माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा संचालित हाईस्कूल के हुए कल संस्कृत के पेपर में भिण्ड जिले में पकडे गए 56 फर्जी परीक्षार्थियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर कर गिरतार कर भिण्ड न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें रिमाण्ड पर लिया गया है। सबसे ज्यादा फर्जी परीक्षार्थी अटेर ब्लॉक के सुरपुरा परीक्षा केन्द्र पर 16 पकडे गए। फर्जी पकडे गए छात्र उत्तरप्रदेश व राजस्थान के बताए गए है।
एडीशनल एसपी अमृत मीणा ने बताया कि जो फर्जी परीक्षार्थी पकडे गए है उनको भिण्ड न्यायालय में पेश कर रिमाण्ड पर लिया गया है। पकडे गए छात्रों से पूछताछ की जाएगी कि वह कहां के है और यहां किसके बुलावे पर परीक्षा देने आए थे। उन्हें दूसरों की जगह परीक्षा देने के एवज में क्या लाभ मिल रहा है और यह लाभ जिसकी परीक्षा दे रहे थे उससे मिलने वाला था या स्कूल संचालक देता। पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच की जाएगी। ज्ञान निलय स्कूल के प्रवेश-पत्र पर ये छात्र परीक्षा दे रहे थे प्रशासन ने इस स्कूल को सील कर दिया है। मामले का खुलासा होने पर स्कूल संचालक फरार हो गया है।
विवेकानेद स्कूल सुरपुरा में पकडी गई उत्तरप्रदेश की छात्रा पूजा परिहार ने बताया कि उसे दूसरी छात्रा के नाम पर परीक्षा देने के लिए 5 हजार रुपए दिए गए थे। उसने बताया वह पिछले वर्ष भी परीक्षा देने आई थी। उत्तरप्रदेश में निजी स्कूल चलाने वाले संचालकों का भिण्ड जिले के निजी स्कूल संचालकों से संबंध रहते हैं तो वह अपने स्कूल के बच्चों को भिण्ड दूसरे छात्र-छात्राओं के स्थान पर परीक्षा देने के लिए भेज देते है। इसके एवज में दोनों स्कूल संचालको में बडी राशि का लेनदेन होता हैं। ऐसे छात्र जो भिण्ड में एडमीशन लेकर पास होने के लिए प्रवेश लेते है और एक बडी राशि देकर पास की अंकसूची ले जाते है। पूजा ने बताया कि उत्तरप्रदेश से हजारों छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष भिण्ड परीक्षा देने आते है। इस वर्ष वह भिण्ड जिला प्रशासन द्वारा नकल पर कडाई से अंकुश लगाने को लेकर चितिंत हो गई थी और भिण्ड परीक्षा देने नहीं आ रही थी लेकिन उसे आश्वस्त किया गया था कुछ नहीं होगा। पर पहले ही प्रश्न-पत्र में वह पकडी गई।
फर्जी परीक्षा देते पकडे गए एक छात्र सर्मन निसाद ने बताया कि भिण्ड प्रशासन की इतनी सख्ती के बाद भी हजारों छात्र फर्जी भिण्ड जिले में परीक्षा दे रहे है। और हजारों छात्र परीक्षा ही देने नहीं आए है। वह किस छात्र की जगह परीक्षा देने आया है उसे नहीं पता। उसे तो स्कूल संचालक ने भेजा था। भिण्ड के अधिकांश निजी स्कूल संचालक पास कराने की गारण्टी के साथ बाहरी बच्चों को अपने स्कूल में प्रवेश देकर बडी राशि बसूल करते है। एक छात्र से 50 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक बसूल किए जाते है।
