नई दिल्ली । पीएम मोदी ने आज सुबह 9 बजे अपने संबोधन में ऐलान कर सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया। दिल्ली के बॉर्डर पर किसान लंबे समय से इन कानूनों के विरोध में बैठे थे। आज पीएम मोदी ने ने घोषणा कर यह साफ कर दिया कि केंद्र सरकार इन तीनों कानूनों को वापस ले रहा है। इन कानूनों को वापस लेने के पीछे कारण बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम किसानों को समझा नहीं सकते इसलिए इन्हें वापस ले रहे हैं।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हम तीनों कानून वापस ले रहे हैं, लेकिन इतनी पवित्र बात, पूर्ण रूप से शुद्ध, किसानों के हित की बात, हम अपनी कोशिशों के बावजूद किसानों को नहीं समझा पाए। कृषि से जुड़े अर्थशास्त्रियों ने, वैज्ञैनिकों ने, प्रगतिशील किसानों ने भी उन्हें कृषि कानूनों की अहमियत समझाने की भरपूर कोशिश की थी।

पीएम मोदी कृषि कानूनों को वापस लेते हुए यह भी बताया कि सरकार ये कानून क्यों लेकर आई थी। पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार, किसानों के कल्याण के लिए, खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, देश के कृषि जगत के हित में, गरीबों के अच्छे भविष्य के लिए, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, नेक नीयत से ये कानून लेकर आई थी।
 
बता दें कि दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों इन कृषि कानूनों को विरोध करते हुए लगभग एक साल हो गया है। इस बीच कई किसानों की जान चली गई और किसान आंदोलन कई विवादों में भी रहा. वह किसी महिला के रेप का मामला हो या फिर किसान की हत्या का।

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