आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस घटना की तुलना लोग ‘दृश्यम’ से कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र कुमार शर्मा की हत्या उनकी पत्नी रूबी ने की। इसके बाद उसने शव को अपने ही घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया। यह पूरा मामला करीब 46 दिनों तक किसी को पता नहीं चला।  हालांकि बाद में पेंशन के पैसों को लेकर हुए विवाद के कारण पूरे मामले का खुलासा हो गया। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

पेंशन के पैसों से खुला पूरा मामला
पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार की पेंशन का पैसा रूबी के पास रहता था। इस बार जब सुरेंद्र के बड़े भाई (जेठ) को पेंशन नहीं मिली, तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने बैंक जाकर जानकारी ली।

बैंक में पता चला कि पेंशन पहले ही खाते में आ चुकी है और इस बार रकम भी पहले से ज्यादा थी। इसके बाद परिवार में इस बात को लेकर विवाद हुआ। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान रूबी से कथित तौर पर हत्या से जुड़ी बात निकल गई। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और जांच शुरू हुई।

पुलिस पूछताछ में क्या बताया
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान रूबी ने स्वीकार किया कि उसने पहले अपने पति को नींद की गोलियां दीं। इसके बाद उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर दफना दिया ताकि किसी को शक न हो। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या में कोई और व्यक्ति शामिल था या रूबी ने यह सब अकेले किया।

‘दृश्यम’ फिल्म से मिला शव छिपाने का आइडिया
पूछताछ में रूबी ने दावा किया कि शव छिपाने का तरीका उसे फिल्म ‘दृश्यम’ से याद आया। उसने बताया कि उसने यह फिल्म काफी समय पहले देखी थी और उसकी कहानी उसे याद थी। पति की हत्या के बाद उसने उसी तरह सोचकर शव छिपाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की पुष्टि नहीं कर रही है। अधिकारी यह जांच रहे हैं कि उसकी बात कितनी सही है और क्या यह सिर्फ बचाव का एक तरीका है।

पड़ोसियों को नहीं हुआ कोई शक
इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतने दिनों तक किसी को रूबी पर शक नहीं हुआ। पड़ोसियों के अनुसार, पति के लापता होने के बाद वह अक्सर रोती-बिलखती दिखाई देती थी।

उसका व्यवहार बिल्कुल सामान्य लगता था। इसी वजह से लोगों को लगा कि वह भी अपने पति के गायब होने से परेशान है। पुलिस का मानना है कि शक से बचने के लिए आरोपी ने जानबूझकर ऐसा व्यवहार किया।

घर में था केवल एक मोबाइल फोन
जांच के दौरान पुलिस ने यह भी पता लगाया कि घर में केवल एक ही मोबाइल फोन था। उसी फोन का इस्तेमाल रूबी और उसके पति सुरेंद्र कुमार शर्मा दोनों करते थे। अब पुलिस उस मोबाइल की पूरी जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि हत्या से पहले और बाद में किससे बात हुई और फोन का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

मोबाइल की कॉल डिटेल और गूगल सर्च हिस्ट्री की जांच
पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाल रही है। साथ ही मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री भी देखी जा रही है। अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि पिछले कुछ दिनों में क्या-क्या सर्च किया गया था और क्या हत्या या शव छिपाने से जुड़ी कोई जानकारी इंटरनेट पर खोजी गई थी। अगर जांच में कोई अहम जानकारी मिलती है, तो उसे सबूत के रूप में शामिल किया जाएगा।

बेटियों और परिवार से भी पूछताछ
पुलिस रूबी की बेटियों से भी बातचीत कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि यह पता लगाया जाए कि क्या उन्हें अपनी मां के व्यवहार पर कभी कोई शक हुआ था या उन्होंने घर में कुछ असामान्य देखा था।
इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़ी हर जानकारी सामने आ सके।

पहले ही भेज दिया था परिवार को घर से
पुलिस को शक है कि यह हत्या पहले से बनाई गई योजना के तहत की गई थी। जांच में सामने आया है कि घटना से पहले रूबी ने अपनी बेटियों और सास को जेठ के घर भेज दिया था। इसी वजह से पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि हत्या पूरी योजना बनाकर की गई थी और इसके लिए पहले से तैयारी की गई थी।

हर एंगल से जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि हत्या का असली कारण क्या था, क्या इसमें कोई और शामिल था, और हत्या के बाद सबूत छिपाने की कितनी कोशिश की गई। मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, गूगल सर्च हिस्ट्री, परिवार के बयान और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।