गुना। मध्य प्रदेश में गुना जिले के कोतवाली क्षेत्र की धाकड़ कॉलोनी में वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व शासकीय वकील दिलीप कुमार गोयल एवं उनकी पत्नी किरण गोयल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से समूचे शहर में सनसनी फैल गई है। 75 वर्षीय दिलीप कुमार गोयल का शव घर में फंदे पर लटका मिला, जबकि उनकी 70 वर्षीय पत्नी किरण गोयल का शव पलंग पर पाया गया। घटना के समय उनका बेटा और बहू राजगढ़ जिले में थे। परिजनों द्वारा फोन न उठाने पर जब पड़ोसियों को सूचित किया गया, तब इस दुखद घटना का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और दोनों शवों का पोस्टमार्टम गुना जिला अस्पताल में कराया गया।

मृतक दिलीप गोयल के भाई के पोते पंकज कुमार गोयल ने बताया कि उनकी दादी यानी दिलीप की पत्नी किरण रिटायर शिक्षक थीं और लंबे समय से बीमारी से ग्रसित चल रही थीं। दिलीप गोयल ने किरण का उपचार इंदौर, भोपाल सहित कई शहरों में कराया था, लेकिन आराम नहीं मिल रहा था। पंकज के अनुसार, एक दिन पहले ही दिलीप गोयल ने उनसे बात करते हुए अपनी पसंद के भोजन दाल-टिक्कर खाने की इच्छा जताई थी। साथ ही पंकज ने बताया कि पत्नी किरण की बीमारी के कारण दिलीप काफी परेशान रहते थे।

फोन करके की थी पसंदीदा खाना बनवाने की बात
दिलीप कुमार गोयल के पोते पंकज ने बताया कि दादाजी का फोन आया था। उन्होंने कहा था कि बच्चों से मिलना है, तो मैंने बोला था कि आता हूं। फिर वे बोले कि अभी बारिश जैसा मौसम हो रहा है, अभी मत आना। अभी हमने खाना खा लिया है, सुबह तुम्हारे यहां आकर खाना खाऊंगा, दाल टिक्कड़ बनवा लेना। अगले दिन जब खाना बन रहा था, तो मेरे पास उनके पड़ोसी का कॉल आया। मैं पहुंचा तो वहां पुलिस मौजूद थी। पंकज के मुताबिक, किरण मानसिक रूप से बीमार थीं। उनका इंदौर सहित कई जगह इलाज चल रहा था। कई बार वह अपने बच्चों को भी नहीं पहचान पाती थीं।

पुलिस बोली पीएम रिपोर्ट से ही पता चलेगी मौत की वजह
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि बीमारी से तंग आकर किरण ने संभवत: फिनाइल पीकर जान दे दी, जिससे व्यथित होकर दिलीप गोयल ने आत्मघाती कदम उठा लिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। बता दें कि दिलीप गोयल वर्ष 2010-11 में शासकीय अधिवक्ता रह चुके हैं और वर्तमान में उनका बेटा मयंक गोयल एडीओपी के पद पर कार्यरत है।