अशोकनगर। मध्यप्रदेश के गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के भाजपा सांसद केपी यादव की मुश्किलें बढती ही जा रही है। अशोकनगर कलेक्टर डॉं. मंजू शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सांसद केपी यादव के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए है। क्रीमीलेयर जाति प्रमाण-पत्र के मामले में सांसद केपी यादव व उनके पुत्र सार्थक यादव के प्रमाण-पत्र निरस्त करने के बाद एफआईआर के निर्देश दिए गए है।
अशोकनगर जिले के मुंगावली से कांग्रेस विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव ने प्रशासन को शिकायत की थी कि सांसद केपी यादव द्वारा 20 दिसंबर 2014 में पिछडा वर्ग का जो जाति प्रमाण-पत्र हासिल किया था उस दौरान उन्होंने अपनी इनकम एक लाख रुपए से कम होना बताई थी। इसके बाद 22 जुलाई 2019 में उनके पुत्र सार्थक यादव ने जो जाति प्रमाण-पत्र हासिल किया था उसमें आय 5 लाख रुपए से कम बताई गई है। विधायक ने शिकायत में बताया कि दोनों षपथ पत्र में दर्शाई गई आय उनके परिवार की वास्तविक आय से काफी कम है।
मुंगावली के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जब इसकी जांच कराई तो पाया कि वर्ष 2014 में सांसद की आय 1 लाख रुपए से अधिक व वर्ष 2019 में 5 लाख रुपए से अधिक पाई गई है। विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव की शिकायत सही पाई गई। क्रीमीलेयर से बाहर छात्रवृति एवं आरक्षण में लाभ के लिए बनवाए गए क्रीमीलेयर से बाहर के पिछडे वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिया गया है।
अशोनगर पुलिस अधीक्षक पंकज कुुमावत ने बताया कि कलेक्टर का पत्र मिला है जिसमें सांसद केपी यादव व उनके पुत्र सार्थक के खिलाफ मामला दर्ज करने की आत लिखी गई है। पिता-पुत्र में आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए विधिक राय ली जा रही है।
कांग्रेस के शीर्ष नेता ज्योतिरादित्य को चुनाव में हराने के बाद सांसद बने केपी यादव की मुश्किलें बढती जा रही है। अगर उनके खिलाफ मामला दर्ज होता है तो उनकी सांसदी खतरे में पड सकती है।
