छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर के जिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता ने अपने पति के साथ जाने से मनाकर दिया। महिला ने बताया कि पहले उसके दो बेटियां हुई, फिर जैसे ही तीसरी बार उसे चार महीने का गर्भ हुआ, पति ने इस बार भी लड़की होने का कह घर से निकाल दिया। जब उसे मालूम चला की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है तो अस्पताल लेने आ गया। यहां अस्पताल में महिला ने पति के साथ जाने से मना कर दिया। सास ने दामाद के हाथ जोड़ते हुए कहा कि मैं अब बेटी पर हो रहे जुल्म सह नहीं सकती, माफ करो बेटी को तुम्हारे साथ नहीं भेजूंगी।
ममला मध्यप्रदेश के छतरपुर के जिला अस्पताल का है जहां 25 वर्षीय रामकुमारी अहिरवार को डिलेवरी के लिए लाया गया था। यहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया है। उसके पहले से 2 बेटियां हैं जिसके चलते उसके पति प्रमोद अहिरवार ने बेटियों सहित घर से निकाल दिया था। इसके बाद से महिला अपने मायके में रह रही थी।
देर रात प्रसव पीडा होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां उसने आज सुबह एक बच्चे को जन्म दिया जो कि लडका था। बेटा होने की जानकारी लगते ही पति अपनी पत्नी और बच्चे को लेने जिला अस्पताल पहुंच गया जहां उसकी पत्नी सहित सास रामबाई ने काफी खरी-खोटी सुनाई इस दौरान खाशी झडप भी हुई। इस दौरान पत्नी ने ससुराल जाने से साफ मना कर दिया और कह दिया कि वह कभी ऐसी ससुराल और पति के पास दोबारा वापिस नहीं जाना चाहेगी जहां बेटियों की कद्र न हो। उसकी बच्चियों ने भी अपने पिता के साथ जाने से मना कर दिया। बेटियों ने कहा कि पिता शराब पीते हैं और मारपीट करते हैं। वह अपनी मां के पास और साथ रहेंगीं।
महिला की मां रामबाई ने कहा कि दामाद उसकी बेटी को रोटी खाने तक पर ताने मारता था। अब उनकी बेटी सात साल से दामाद के अत्याचार सह रही है। लेकिन उसने हमसे कभी कुछ नहीं कहा। बेटी को जब तीसरी बार गर्भ ठहरा तो उसने इस बार फिर बेटी को लड़की होगी कह घर से निकाल दिया। जब बेटा होने की खबर लगी तो अस्पताल लेने आ गया। ऐसे दामाद के साथ मैं कभी अपनी बेटी को अब सुसराल नहीं भेजूंगी।
