सतना। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में आतंक का पर्याय बने 6 लाख रुपए के इनामी डकैत बबुली कोल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उसका एक और साथी लवलेश कोल भी मारा गया है। पुलिस ने सतना के जंगल से दोनों के शव बरामद कर लिए हैं। इन दोनों के खात्मे के साथ ही सतना और विंध्य में डकैतों का सफाया हो गया है। मध्यप्रदेश के रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर, डीआईजी अविनाश शर्मा और एसपी रियाज इकबाल खुद पिछले कई दिनों से सतना में कैंप किए हुए थे और आज पुलिस ने इन दोनों के मारे जाने की पुष्टि कर दी। बबुली कोल पर 6 लाख पचास हजार का नाम था तो लवलेश कोल पर एक लाख 80 हजार का इनाम था। ऐसी खबरें भी सामने आ रही थी कि फिरौती के रकम के बंटवारे को लेकर बबुली कोल गिरोह में फूट पड़ गई थी और गैंग में नए शामिल हुए लाली कोल ने इन दोनों को मौत के घाट उतारा था। हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया है।

अभी हाल ही में डकैत बबुली कोल ने सतना के किसान अवधेश द्विवेदी को उसके घर से अगवा कर लिया था। वारदात को तड़के तीन बजे अंजाम दिया गया था। डकैत बबुली कोल ने पहले किसान के नौकर को बंदूक की नोक पर अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद डकैतों ने नौकर पर दबाव बनाया कि वो घर का दरवाजा खुलवाए। नौकर के आवाज लगाने पर किसान अवधेश ने जैसा ही दरवाजा खोला था, डकैतों ने उसे अगवा कर लिया। किसान का अपहरण करने के बाद बबुली कोल गिरोह ने किसान के परिवार को फोनकर पचास लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद से ही पुलिस ने इलाके में कैंप कर रखा था। अलग-अलग टीमें जंगल के भीतर किसान की तलाश में सर्चिंग कर रही थी। खुद रीवा रेंज के आईजी चंचल शेख, एसपी रियाज इकबाल ने कैंप किया हुआ था। लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। सर्चिंग में उत्तरप्रदेश पुलिस की भी मदद ली गई थी।

इसके बाद अचानक किसान अपने घर पहुंचा था। इसके बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि वो फिरौती देकर सकुशल छूटा था। बबुली कोल का केवल मध्यप्रदेश में ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी आतंक था। वो इतना शातिर था कि वारदात करने के बाद दूसरे राज्य में भाग जाता था। इस वजह से वो पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था।

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