इंदौर। रेड और ऑरेज अलर्ट के चलते मालवा-निमाड में बारिश का दौर जारी है। रविवार को इंदौर, शाजापुर, झाबुआ, मंदसौर, रतलाम, देवास, उज्जैन सहित अन्य जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते मंदसौर और झाबुआ में प्रशासन द्वारा सोमवार को सभी स्कूलों में अवकाश का आदेश जारी किया गया है। एनडीआरएफ की टीम ने रविवार को नीमच में 150 लोगों को बाढ प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला। मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटे में नीमच, मंदसौर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, आगर, राजगढ, धार, झाबुआ और आलीराजपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पिछले 7 दिनों से बंद इंदौर-इच्छापुर हाइवे स्थित मोरटक्का पुल से रविवार को हल्के वाहनों का आवागमन प्रारंभ किया गया। 1958 में बना 414 मी. लंबा यह पुल करीब 22 पिलर पर टिका हुआ है।

रविवार सुबह से इंदौर में मौसम खुला था लेकिन दोपहर बाद रिमझिम बारिश का दौर पुनः प्रारंभ हो गया तो लगातार जारी है। इंदौर में 35 इंच औसत बारिश होती है और वर्तमान में अब तक यहां 46 इंच से अधिक पानी बरस चुका है।

झाबुआ में आज भी रुक-रुककर बरसात जारी है। जिले में औसत रूप से 48 इंच बारिश हो चुकी है। ये आंकडा 2013 के 50 इंच बारिश के करीब है। अभी मानसून सीजन पूरा होने में एक महीना बचा है। संभावना है, तब तक इससे ज्यादा बरसात हो जाए। ऐसा हुआ तो 15 सालों में दूसरी सबसे ज्यादा बरसात होगी। अभी 2006 में 60 इंच बारिश का रिकॉर्ड है।

मंदसौर में लगातार पानी बरस रहा है, यहां शिवना और चंबल सहित सभी नदियां उफान पर है। शुक्रवार से लेकर शनिवार तक 24 घंटे में यहां 4.5 इंच पानी बरसा। रविवार को भी बारिश जारी है। मंदसौर की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों को फिलहाल निरस्त कर दिया गया है। जिले के 100 गांवों को खाली कराया गया है। 50 से अधिक राहत शिवरों में लगभग 20 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। भगवान पशुपतिनाथ के आठों मुख शिवना की बाड़ में डूब गए है। यहां मोबाइल फोन नेटवर्क भी बाधित है। 59 साल के इतिहास में पहली बार गांधीसागर बांध अपनी क्षमता 1312 फीट से ऊपर तक भर गया है। मौसम विभाग द्वारा यहां अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

रतलाम में लगातार साढे 34 घंटे की बारिश ने हालत खराब कर दिए हैं। 12 सितंबर की रात 10 बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ था जो रविवार को भी जारी है। शनिवार को बाजना में 10.11 इंच बारिश दर्ज की गई तो वहीं जिले में 5.68 इंच बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण मौसम में भी ठंडक घुल गई है। अश्विन मास अमूमन उमस के लिए जाना जाता है। इस महीने में ज्यादातर तेज धूप रहती है बारिश कभी-कभी होती है, लेकिन आश्विन मास की शुरुआती दो दिनों में तापमान 24 व 25 डिग्री के आसपास है।

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