मिजाजीलाल जैन

ग्वालियर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिन्धिया ने आज सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर अपने संसदीय क्षेत्र शिवपुरी जिले के भावखेडी गांव में विगत दिनों दबंगों द्वारा 2 मासूम दलित बच्चों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिवारों को 10-10 बीघा जमीन व 50-50 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अभी हाल ही में भिण्ड जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री कमलनाथ को वचन निभाने में लापरवाही करने का आरोपी बताया था। सिंधिया ने कहा था कि हमने कर्ज माफ करने का वचन दिया था परंतु अब तक मात्र 50 हजार तक के कर्ज माफ किए गए हैं। उनके इस बयान के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ का जवाब भी आया था। कहा था कि जनता सब जानती है। कमलनाथ के जवाब की प्रतिक्रिया में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुरैना में कहा था कि खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए राजनीति में खेल होना चाहिए।

इस तरह की बयानबाजी ने देश भर में सुर्खियां बटोरी। इसी दौरान सिंधिया स्कूल ग्वालियर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने मुख्य सचिव एसआर मोहंती खुद ग्वालियर आए और उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की। परंतु इस मुलाकात के बाद भी सिंधिया के तेवर नरम होते नजर नहीं आ रहे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश के श्योपुर के जमातखाना में मुस्लिम समाज के विभिन्न संगठनों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शहर काजी अतीक उल्लाह कुरैशी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिंधिया से कांग्रेस की सरकार में भी उनके साथ भेदभाव की शिकायत की गई। सिंधिया ने कहा कि मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है कि सरकार किसकी है, लेकिन अभिव्यक्ति के अधिकार को नहीं छीना जाना चाहिए, मैं इस बात का पक्षधर हूं। अगर मेरी सरकार भी आपकी बात नहीं सुनेगी तो मैं आपकी आवाज बनूंगा।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिन्धिया ने आज सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर अपने संसदीय क्षेत्र शिवपुरी जिले के भावखेडी गांव में विगत दिनों दबंगों द्वारा 2 मासूम दलित बच्चों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिवारों को 10-10 बीघा जमीन व 50-50 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए।

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