भोपाल। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में कभी दस्यु सरगनाओं का आतंक था। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश पुलिस ने मिलकर डकैतों का पूरी तरह सफाया कर दिया। चंबल के बीहड कभी डकैतों की शरण स्थली हुआ करते थे अब रेत माफियाओं के कब्जे में है। चंबल व सिन्ध नदी के किनारे स्थित गांव के लोगों ने रेत का अबैध खनन और परिवहन को अपना धंधा बना लिया है। हथियारों के बल पर यह कारोबार काफी फलफूल रहा है। करोडों के इस कारोवार से पुलिस के अधिकारी व राजनेता भी जुडे हुए है।

मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के लहार से कांग्रेस विधायक एवं प्रदेश के सामान्य प्रशासन मंत्री डॉं. गोविन्द सिंह ने थाना प्रभारी से लेकर आईजी तक पर रेत के अबैध खनन में शामिल होने के आरोप लगाए है। वहीं कांग्रेस के ही भिण्ड जिले के मेहगांव के कांग्रेस विधायक ओपीएस भदौरिया व गोहद के कांग्रेस विधायक रणवीर जाटव ने डॉं. गोविन्द सिंह पर रेत के खनन में शामिल होने का आरोप लगा चुके है।

भिण्ड जिले की सिन्ध नदी के किनारे करोडों रुपए की रेत अभी भी डंप है। प्रशासन ने इस रेत को जप्त नहीं किया है। सिन्ध नदी के किनारे ऐसा कोई गांव नहीं है जहां करोडों का रेत डंप न हो। भिण्ड जिले में रेत का अबैध खनन और परिवहन आज भी जारी है। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन भले ही ये दावा करे कि रेत का अबैध खान और परिवहन बंद है पर सत्यता यही है कि कागजों में रोक लगा दी गई है। लेकिन रेत माफिया आज भी इस कारोवार को कर रहा है।

कद्दावर मंत्री गोविंद सिंह ने चंबल आईजी पर अवैध रेत परिवहन का आरोप लगाया था। तीसरे ही दिन पलटी खाते हुए अवैध परिवहन पर रोक लगने का बयान दिया था। चंबल में भाजपा के पूर्व विधायक रसाल सिंह तो खुलकर कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह पर अवैध रेत परिवहन का आरोप लगाते हैं। सरकार को समर्थन दे रहे बसपा से भिण्ड विधायक संजीव सिंह कुशवाह कहते हैं कि अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। सरकार अवैध उत्खनन रोक दे तो परिवहन अपने आप रुक जाएगा।

चंबल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) डीपी गुप्ता ने बताया कि वह पूरी कोशिश कर रहे हैं कि रेत माफियाओं पर लगाम लग सके। हमने 22 पॉइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है। नई रेत नीति में ट्रकों में जीपीएस लगाने का नियम आ रहा है, लेकिन जीपीएस की रियल टाइम रिपोर्ट का इश्यू तो रहेगा ही। खनिज विभाग के पास तो अमला ही नहीं है, लेकिन सीमित संसाधनों में जो बेहतर हो सकता है, हम कर रहे हैं।

भिण्ड में भाजपा नेता रसाल सिंह का कहना है कि सरकार अगर अबैध खनन रोकेगी तो किसी की अवैध उत्खनन की हिम्मत नहीं है। वो कहते कुछ रहें, लेकिन ये अवैध उत्खनन तो भाजपा के राज्य में भी डॉं. गोविंद सिंह के लोग कर रहे थे और अब भी कर रहे हैं। इनकी ऊपर बदनामी हो रही थी, इसलिए बचने के लिए पुलिस पर आरोप लगाया। भिण्ड में रोजाना 1000 ट्रक का कारोबार है। केवल लहार विधानसभा क्षेत्र में ही रोजाना 400 से 500 डंपर का अवैध कारोबार होता है।

भिण्ड से बसपा विधायक संजीव कुशवाह का कहना हैं कि अवैध उत्खनन तो पहले भी हो रहा था और अब भी हो रहा है। सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे सभी को रोजगार मिले। छोटे-छोटे ठेके देकर अवैध उत्खनन पर लगाम लगाना चाहिए। जब उत्खनन ही नहीं होगा तो परिवहन का सवाल ही नहीं उठता।

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