ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के तहसील मुख्यालय से 10 किलो मीटर दूर ग्राम गुदावली में एक सरपंच पति ने एक ही मंडप के नीचे अपनी सरपंच पत्नी और साली के साथ सात फेरे ले लिए हैं। इससे पहले सरपंच ने दोनों पत्नियों को वरमाला पहनाई। इस शादी में पूरा गांव भी शामिल हुआ। खास बात यह है सरपंच के पहले से 2 बच्चे भी हैं। ग्राम गुदावली निवासी दीपेन्द्र परिहार (मिर्धा) की पत्नी विनीता इसी ग्राम पंचायत से सरपंच हैं। 26 नवंबर 2019 को दीपेन्द्र परिहार ने बडे ही धूमधाम से पहली पत्नी विनीता और उनकी छोटी बहन रचना के साथ एक ही मंडप के नीचे शादी की। हालांकि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत यह अपराध है और इसमें सात साल की सजा हो सकती है। लेकिन यह शादी विनीता से अनुमति लेकर की गई है।
दीपेन्द्र परिहार ने बताया कि उसकी शादी 10 साल पहले हुई थी। तब उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। शादी की रस्में वह पूरी नहीं कर पाया था। उसकी इच्छा थी वह भी वो सभी रस्में पूरी करे जो शादी में धनवान लोग करते है। दीपेन्द्र परिहार ने बताया कि उसने अपनी सरपंच पत्नी विनीता से बात की तो उसकी भी इच्छा थी कि वह दुबारा शादी कर सभी रस्में पूरी करे।
दीपेन्द्र की इच्छा थी जब वह शादी की रस्में पूरी कर ही रहा है और खर्चा भी उतना ही होगा जितना नई शादी में होता है। तो दीपेन्द्र ने अपनी पत्नी विनीता से कहा कि वह उसके चाचा की लडकी रचना से शादी करने के लिए तैयार है। सभी की सहमति से दीपेन्द्र की शादी रचना के साथ बडी धूमधाम के साथ 11 नबम्बर को कर दी गई।
गुदावली की महिला सरपंच विनीता ने कहा कि रचना उसकी बहिन है। हम दोनों बहिनें मिल-जुलकर साथ रहेंगे। अब हम दोनों बहिनें थे अब दोरानी-जिठानी भी बन गए है। दोनों रिश्तों को अच्छे से निभाऐंगे।
शादी के मण्डप में पहली पत्नी विनीता को फिर से दुल्हन की तरह सजाया गया। पहले विनीता के साथ शादी की पूरी रस्में पूरी की गई। फिर रचना के साथ शादी की सभी रस्में पूरी की गई। इस शादी में पूरा गांव तो शामिल हुआ ही, आसपास के गांव वाले भी साक्षी बनें। शादी के बाद की रस्में भी अलग-अलग पूरी की गई। दीपेन्द्र की शादी में उनके 8 साल के लडके व 7 साल की लडकी ने डीजे पर जमकर डांस किया। अपने माता-पिता की शादी में लडके-लडकी भी साक्षी बने।
गुदावली गांव के युवा लडके जहां अपने परिवार का वंश बढाने के लिए एक शादी के लिए तरस रहे हैं। कई लडके शादी का इंतजार करते-करते ऑवरेज हो गए और शादी नहीं कर पाए उसी गुदावली में महिला सरपंच पति ने दो शादी कर इतिहास रच दिया है। गुदावली गांव के पूर्व सरपंच नाथूराम शर्मा ने बताया कि गांव में पानी की बहुत बडी समस्या है। पानी की समस्या के कारण कोई भी अपनी लडकी इस गांव में नहीं ब्याहाना चाहता। लगभग 1300 की आबादी वाले इस गांव में 45-50 लडके ऐसे से जो गांव में रहते है। उनकी शादी नहीं हो पाई है। ऐसे लडकों के पास गांव में खेती के अलावा और कोई राजगार नहीं है। वह गांव छोडकर भी कहीं नहीं जा सकते इसलिए उनकी शादी नहीं हो पाई है। सर्दी में तो सिंध नदी में गड्डे खोदकर पानी निकालकर पानी की पूर्ति कर लेते है। गर्मी में नदी भी सूख जाती है तब ग्रामीणजन यहां से पलायन कर जाते है। ऐसे में एक ही परिवार ने 2 लडकियों को गांव में ब्याह कर एक मिशाल पेश की है।
