इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग के बुरहानपुर के नेपानगर में 2 साल पहले सिर पर सिलबट्टा मारकर और दुपट्टे का फंदा बनाकर गला घोंट कर सास की हत्या करने के सनसनीखेज मामले में दो सगी बहनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार गुप्ता की अदालत ने दिया। दोनों को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास, 5 हजार रुपए जुर्माना और धारा 201 के तहत 7 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।

दोनों बहनें 5 मार्च 2018 से जेल में हैं। दोनों ने अपराध छुपाने के लिए लूट की साजिश रची थी। पुलिस और परिवार को गुमराह किया, लेकिन जांच में दोनों की करतूत सामने आ गई। सास की हत्या करने के लिए दोनों ने क्राइम सीरियल देखकर लूट की झूठी वारदात की पूरी साजिश रची थी। दोनों ने सास की हत्या करने के पीछे दहेज के लिए प्रताडित करना कारण बताया था।

नेपानगर के 7 नंबर गेट एरिया में 28 फरवरी 2018 को 55 वर्षीय योगिता साहू की हत्या हुई थी। उसे बहू दीपिका पति विजय साहू और रूपा पति रितेश साहू ने मारा था। अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता सुहैल हुसैन के अनुसार दोनों बहनों ने बताया था कि सास की प्रताडना से तंग आकर पहले दोनों ने आत्महत्या करने का मन बनाया था लेकिन बच्चों का भविष्य सोचकर मन बदल लिया। इसके बाद सास की हत्या की साजिश रची। हत्या के लिए 28 फरवरी को दोपहर का समय तय किया। उस दिन दोनों के पति संविदा कर्मचारियों की हडताल में शामिल होने भोपाल गए हुए थे। नगर पालिका में लिपिक ससुर मोतीलाल ऑफिस में थे। बहन दीपिका से फोन पर बातचीत के बाद बडी बहू रूपा बुरहानपुर से 700 रुपए में किराए से ऑटो कर नेपानगर आई। उसने घर से दूर ऑटो खडा कर कुछ देर बाद आने को कहा। साजिश के मुताबिक रूपा के आते ही दीपिका ने सिलबट्टा उठाकर सास योगिता के सिर पर वार किया। वह जमीन पर गिर गई लेकिन सांसें चल रही थीं। वह जिंदा न बच जाए, इसलिए दोनों ने कपडे का फंदा बनाकर सास का गला घोंट दिया। हत्या के बाद रूपा बुरहानपुर लौट गई।

प्रकरण में 21 लोगों ने गवाही दी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण गवाही तत्कालीन थाना प्रभारी बीएस रावत की थी। उन्होंने ही मामले की पूरी जांच की थी और वारदात के दिन घर से चुराए गए जेवर तथा हत्या में उपयोग किया गया सिलबट्टा जब्त किया था।

घटना के डेढ साल पहले सास योगिता ने दोनों बहुओं द्वारा मारपीट करने की शिकायत नेपानगर थाने में की थी। उसने ये शिकायतें 10 अक्टूबर और 15 अक्टूबर को की थी लेकिन तब इस मामले में पुलिस ने भी ध्यान नहीं दिया था। फिर इसकी जांच-पडताल हुई।

सास की हत्या के बाद वारदात को लूट की नीयत से हत्या बताने के लिए रूपा ने दीपिका के पैर-हाथ बांधकर टी-टेबल पर पटक दिया। दीपिका ने झूठी कहानी रची थी कि दोपहर को दो फेरीवाले बैडशीट लेकर आए थे। खरीदने से इनकार करने पर भी वह घर में घुस आए और पीने के लिए पानी मांगा। वह पानी लेने गई, इधर दोनों ने सास पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। मैंने सास को बचाने गई तो मुझ पर हमला कर बांध दिया। बदमाश जेवर और एक लाख रुपए ले गए थे। घर में काम करने वाली युवती ने लोगों को बुलाया था। मामले की दीपिका ही फरियादी थी लेकिन वह ही आरोपी निकली।

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