भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में भयावह स्थिति सामने आ रही है। इंदौर व भोपाल जैसे बड़े शहरों में संक्रमितों व मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी है। दोनों शहरों के श्मशानों में जगह कम पड़ रही है। इंदौर में 23 तो भोपाल में 41 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। प्रदेश की औसत संक्रमण दर बढ़कर 19 फीसदी पर पहुंच गई है। इंदौर व भोपाल के बाद 15 अप्रैल से ग्वालियर में भी लॉकडाउन लगाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में हालत बेहद चिंताजनक हैं। राज्य में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही संसाधन कम पड़ रहे हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। चिताएं ठंडी होने से पहले ही दूसरे शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए शिवराज सरकार ने भोपाल के बाद ग्वालियर में भी 7 दिन का लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। ग्वालियर में 15 अप्रैल की सुबह 6 बजे से 22 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहेगा।
तीव्र संक्रमण दर बता रही खतरा

भोपाल में करीब हर तीसरा व्यक्ति संक्रमित मिल रहा है। भोपाल में 5200 सैंपल की जांच में 1452 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इंदौर की हालत भी खराब है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण दर बढ़ने से खतरे का साफ संकेत मिल रहा है। संक्रमण दर अब 19 फीसदी से ज्यादा हो गई है, यह पिछले 7 दिनों में 7 फीसदी बढ़ी है। हालात बिगड़ते देख विभिन्न जिलों की मांग पर कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। 

इंदौर: 1552 मरीज मिले और 6 की गई जान इंदौर में सोमवार को कोरोना विस्फोट हुआ। अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा 1552 नए कोरोना मरीज मिले और छह लोगों की मौत हो गई। पिछले साल पूरे अप्रैल महीने में करीब 1400 मरीज मिले थे, लेकिन इस बार एक दिन में ही उससे ज्यादा मरीज सामने आ गए हैं। हालांकि, सोमवार को रिकॉर्ड नमूनों की जांच की गई। अब तक एक दिन में सर्वाधिक 8553 नमूनों की जांच हुई है।

भोपाल: कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाई जा रहीभोपाल में 1,456 नए केस और पांच की कोरोना वायरस जान चली गई।राज्य सरकार ने कोविड-19 के मरीजों के लिए अनुबंधित डेडीकेटेड कोविड हास्पिटल निजी चिकित्सालयों में 30 अप्रैल तक बिस्तरों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए अनुबंध किया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि निजी और सरकारी अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए बिस्तर की संख्या बढ़ाई गई है।

अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ रहा लंबा इंतजार भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर सोमवार को 41 कोरोना संक्रमितों के शव पहुंचे। जलाने के लिए जगह ही नहीं थी। जलती चिताओं के बीच बेहद नजदीक दूसरी चिताएं सजाई जा रही थीं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भले ही इंदौर में 11 दिन में कोरोना से 43 मौतें बताई जा रही हैं, लेकिन हकीकत में शहर के तीन मुक्तिधामों में ही 24 घंटे में 23 कोविड शव पहुंचे हैं। इंदौर के पांच श्मशान घाटों में 12 दिन में 990 अंतिम संस्कार किए गए हैं, जिसमें से 319 कोरोना संक्रमितों के शव थे। यहां भी अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जबलपुर के चौहानी श्मशान घाट में सोमवार को 30 कोरोना संक्रमितों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन के रिकॉर्ड में 2 दिन में 8 मौतें हुई हैं।

छिंदवाड़ा: 34 संदिग्धों की मौतजिले में सोमवार को 34 काेराेना संदिग्ध मरीजाें की माैत हाे गई। उधर, कोविड बुलेटिन में मौतों का आंकड़ा शून्य दर्शाया गया है। 93 नए मरीज मिले।

मप्र: राज्य वन सेवा की मुख्य परीक्षा टलीमध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा परीक्षा के बाद अब राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा भी स्थगित कर दी है। यह परीक्षा 18 अप्रैल को होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते इसे टाल दिया गया। इससे पहले मध्यप्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं भी जून तक टाल दी गई हैं।

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