कटनी। मध्यप्रदेश अबैध रेत उत्खनन भाजपा सरकार में होता था अब प्रदेश में कांग्रेस सरकार आ गई है, लेकिन इस कारोबार पर रोक कांग्रेस सरकार भी नहीं लगा पा रही है। प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन मंत्री डॉं. गोविन्द सिंह ही नहीं कांग्रेस के कई मंत्री व विधायक रेत के अबैध उत्खनन का मुद्दा उठा चुके है। लेकिन उसके बाद भी रोक नहीं लग सकी है। पुलिस महकमे के लिए रेत दुधारु गाय बनी हुई है। पुलिस में थाना प्रभारी से लेकर प्रदेश स्तर के पुलिस अधिकारी करोडों रुपया कमा रहे हैं। रेत के इस कारोवार को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों में भी तालमेल नहीं हो पा रहा है। पुलिस के अधिकारी आपस में लड रहे है। पुलिस में लडाई का मामला कटनी में देखने को मिला।

मध्यप्रदेश के कटनी जिले के बरही थाने का एक मामला सामने आया है जहां महिला उपनिरीक्षक (एसआई) मीनाक्षी पन्द्रे ने थाने के टीआई पर आरोप लगाया है है कि बीती रात उन्होंने पांच ट्रक अवैध रेत परिवहन करते हुये पकडे तो उनको छुडवाने के लिये बरही थाने के टीआई एनके पांडे ने मोबाईल पर आदेश देते हुए कहा कि कोई भी हाइवा न रोके जाये उनको जाने दिया जाये। जब एसआई ने बताया कि सारे हाईवा में अवैध रेत परिवहन ओवर लोड होकर जा रहा है वह कैंसे छोड सकती है, तो टीआई पांडे ने कहा कि वह यहां का थाना प्रभारी है जैसे वह चाहे थाना चलायेगा लेकिन एसआई ने हाइवा छोडने से इनकार कर दिया, तो टीआई मौके पर पहुंच गये और महिला एसआई के साथ धक्कामुक्की करते हुए बदतमीजी की। महिला एसआई का आरोप है कि टीआई ने मौके पर पहुंचकर हाइवा के चालकों को भी भगा दिया। मामला इतना बडा कि रात 3 बजे अकेली महिला एसआई को अपने बचाव के लिये कटनी के पुलिस अधीक्षक, डीआईजी व आईजी को भी खबर करना पडी। महिला एसआई का आरोप था कि पुलिस के अधिकारी नहीं चाहते कि रेत का खनन बंद हो। अधिकारी हमैं निर्देश देते है कि कोई भी ट्रक, डंपर नहीं निकलना चाहिए ज बवह पकडकर कार्यवाही करती है तो उसके साथ अभद्रता की जाती है। इतना सब कृछ होने के बाद भी टीआई के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

बरही थाने के टीआई पांडे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि तीन चार हाइवा रोके गए हैं और पुलिस वाले मारपीट कर रहे हैं। जब मौके पर गए तो एसआई मीनाक्षी वहाँ थी और अकेली थीं, चार हाइवा खडे किये हुए थे। उन्होंने बताया कि चालकों के पास डीपी थी लेकिन इसके बाद भी उनके साथ मारपीट की गई। मामले की सूचना पर मौके पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी आ गए और डीपी चेक की और डीपी सही पाई गई, कुछ ट्रक जो अंडर लोड थे उन्हें छोडा भी गया और जो ओवरलोड ट्रक थे उनके विरुद्ध कार्यवाही करने का आदेश किया गया।

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