भोपाल। इंदौर के सांवेर स्थित अपने वेयरहाउसों को नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन आमने-सामने आ गए हैं। निरीक्षण के बाद नोटिस जारी होने से नाराज पटवारी ने कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार को उनके वेयरहाउस में कोई कमी नजर आती है तो तत्काल सरकारी अनाज वहां से हटा लिया जाए। दरअसल, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नागायच ने सांवेर के पालिया गांव स्थित पटवारी के वेयरहाउसों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी समेत कई व्यवस्थाओं में कमियां मिलने का दावा किया गया। इसके बाद अधिकारियों को नोटिस जारी करने और नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
नोटिस की जानकारी मिलने के बाद पटवारी ने कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक अनुराग वर्मा से फोन पर चर्चा की। बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेशन के नए अध्यक्ष राजनीतिक मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं। पटवारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जालों और छोटी-छोटी बातों को मुद्दा बनाया गया। यदि भाजपा से जुड़े लोग बदले की भावना से कार्रवाई करेंगे तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे किसी के कर्जदार नहीं हैं और दबाव में आकर नियमों से समझौता नहीं करेंगे।
फोन पर हुई बातचीत में पटवारी ने अधिकारियों से कहा कि वे पहले भी वेयरहाउस खाली कराने के लिए पत्र लिख चुके हैं और अब फिर वही आग्रह कर रहे हैं। यदि कॉर्पोरेशन चाहे तो अपना पूरा माल वहां से हटा सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकारी अनाज उनके वेयरहाउस में रखा है, उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उनकी है और उसमें किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। नियमित निरीक्षण के लिए भी अधिकारियों का स्वागत है।
पटवारी ने वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ किराए का भुगतान समय पर नहीं किया जाता, दूसरी तरफ वेयरहाउस संचालकों को परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि वे बेवजह की बेइज्जती सहने के लिए तैयार नहीं हैं।
वेयरहाउस निरीक्षण और उसके बाद सामने आई बातचीत ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस इसे विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने की कार्रवाई बता रही है, जबकि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन का कहना है कि निरीक्षण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है और जहां भी खामियां मिलेंगी, वहां नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
