भोपाल। मध्यप्रदेश में मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश में आने के लिए राज्य सरकार ने मुकेश अंबानी के साथ-साथ अब अनिल अंबानी को भी न्योता भेज दिया है। हालांकि अभी दोनों की ओर से बुधवार तक आने पर सहमति नहीं दी गई। उद्योग विभाग का कहना है कि अंबानी बंधु के मामले में एक-दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी। इधर, कुमार मंगलम बिड़ला, आदि गोदरेज, टाटा समूह और 124 बड़े उद्योगपतियों के साथ 600 लोगों ने आने पर सहमति दे दी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ गुरुवार को समिट की तैयारियों व आने वाले उद्योगपतियों के बारे में बैठक करेंगे।
इसमें इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी के साथ उद्योगों के लिए बनाई गई अलग-अलग नीतियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इन नीतियों को सबसे पहले निवेश संवर्धन के लिए बनी कैबिनेट सब कमेटी और 13 अक्टूबर को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कुछ उद्योगपतियों से व्यक्तिगत बात की है। जिन उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है, उन्हें भी मैग्नीफिसेंट एमपी में बुलवाया गया है। अलग-अलग सत्रों के दौरान वे मध्यप्रदेश और उसकी नीतियों के बारे में दूसरे निवेशकों को बताएंगे। हाल ही में राज्य सरकार ने वंडर सीमेंट, राल्सन, प्रोक्टर एंड गैंबल समेत कुछ उद्योगों को प्रोत्साहन पैकेज दिया है।

इंदौर मैग्नीफिसेंट एमपी के नाम से हो रही समिट के पहले उद्योगपतियों को नई उद्योग नीति में राहत देने के संकेत मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने बुधवार को इंदौर में दे दिए। उन्होंने समिट की तैयारियों की समीक्षा के बाद मीडिया से चर्चा में कहा कि जिस तरह से एक जूता सभी के पैरों में नहीं आ सकता है, इसी तरह से सभी उद्योगों के लिए एक औद्योगिक नीति नहीं बन सकती है।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार इस बार अलग-अलग उद्योग नीति बनाई गई है, जो समिट के दौरान सामने आ जाएगी। पुरानी समिट के करारों के नतीजों पर उन्होंने कहा कि हम भूतकाल की बजाय वर्तमान और भविष्य पर ध्यान दे रहे हैं। इस बार समिट को भी इसलिए केवल एक दिन तक ही सीमित रखा गया है, क्योंकि देखने में आया है कि प्रमुख उद्योगपति एक ही दिन में लौट जाते हैं। बेवजह समिट को खींचने की जरूरत नहीं है। सभी के साथ वन टू वन और गंभीर निवेश पर चर्चा व उनकी समस्याओं को लेकर सीधे बात होगी। जो निवेश करना चाहते हैं, वह आएं और करें।
17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री इंदौर पहुंचेंगे। इसी दिन प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। मुख्य कार्यक्रम 18 अक्टूबर को ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में होगा। इसमें सीएम और सीएस के अलावा प्रमुख उद्योगपतियों का उद्बोधन होगा। लंच के बाद आठ सेक्टरों पर बात होगी। इन सत्रों में 70 से 100 उद्योगपति रहेंगे। इन सेक्टरों में लॉजिस्टिक, एग्रो फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म, फार्मा, आईटी में भी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डेटा सेंटर, नेनो टेक्नोलॉजी पर ध्यान रहेगा। साथ ही स्टोरेज बैटरी, सभी तरह की रिन्यूवल एनर्जी, आम लोगों के खपत में काम आने वाली चीजें, साथ ही खनिज बेस इंडस्ट्री भी फोकस में हैं।

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