
मिजाजीलाल जैन
होशंगाबाद। मध्यप्रदेश के होशंगाबाद कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और तत्कालीन एसडीएम रवीश श्रीवास्तव (डिप्टी कलेक्टर) के बीच फाइल और रेत डंपरों को लेकर हुए विवाद और एसडीएम को पद से हटाने का मामला मुख्यमंत्री कमलनाथ तक पहुंच गया है। सरकार ने संभागायुक्त रवींद्रकुमार मिश्रा से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। प्रमुख सचिव कार्मिक दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने संभागायुक्त को इस संबंध में पत्र भेजा है। प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा ने भी कमिश्नर से मामले की रिपोर्ट मांगी है। रवीश श्रीवास्तव ने अपना पक्ष भिजवा दिया है। उनका आरोप है कि रेत खनन पर कार्रवाई से रोकने के लिए कलेक्टर ने आधी रात उन्हें बंगले पर बुलाकर बंधक बना लिया था, जबकि कलेक्टर का कहना है कि एसडीएम ऑफिसर्स क्लब की फाइल नहीं दे रहे थे। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा (जिले के प्रभारी मंत्री) आमने-सामने आ गए हैं।
एसडीएम की शिकायत में कलेक्टर पर आरोप है कि भाजपा विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के भतीजे वैभव की फर्म के रेत स्टॉक के बाहर खडे डंपरों पर कार्रवाई नहीं करने दी गई है। इस पर विधायक शर्मा ने कहा- ये विवाद बताता है कि सरकारी मशीनरी फेल हो गई है। कलेक्टर मेरे एक भी पत्र का जवाब नहीं दे रहे हैं तो एसडीएम भी दूध के धुले हुए नहीं है। उन्होंने जानबूझकर केस को रेत की ओर मोड दिया है जबकि झगडा सिर्फ फाइल का है।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रेत डंपरों पर कार्रवाई करने गए एसडीएम को कलेक्टर द्वारा बंधक बनाना अराजकता बता रहा है। रेत की लूट मची है। मुख्यमंत्री कमलनाथ और कार्मिक विभाग दिल्ली को पत्र भेजकर कलेक्टर पर कार्रवाई के लिए लिखूंगा।
प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि एसडीएम को सरकारी बंगले पर बंधक बनाने की घटना हुई है तो गलत है। इस मामले की संभागायुक्त से रिपोर्ट मांगी है। भाजपा नेता पूरी तरह से रेत चोरी में लगे हैं। इनकी जड़ें उखाड़नी है। इसको लेकर सीएम और मुख्य सचिव से बात करेंगे।
