ग्वालियर। मध्यप्रदेश के चंबल संभाग के भिण्ड जिले में नेताओं की तरह अब पुलिस में भी तालमेल नजर नहीं आ रहा है। सही बात तो यह है कि पुलिस में थाने नेताओ के कहने पर दिए जाते है। गणेश विसर्जन को लेकर उत्पन्न हुए विवाद में पुलिस के अधिकारी आपस में ही लड रहे हैं हालांकि यह लडाई अभी खुलकर सामने नहीं आई है। लेकिन प्रदेश मुख्यालय में बैठे अधिकारियों ने भिण्ड की ओर ध्यान नहीं दिया तो पुलिस के अधिकारी नही ंतो उनके समर्थक जरुर आमने-सामने आ सकते है। और कानून व्यवस्था की स्थिति ने बिगडे ये पुलिस की जिम्मेदारी है।
आमतौर पर ऐसा कम ही होता है कि जिले में कानून व्यवस्था बिगड़ने पर पुलिस अधीक्षक की थाना प्रभारियों पर की गई कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गलत ठहराते हों, लेकिन भिण्ड जिले के फूप टीआई संजय सोनी को हटाने के मामले में कुछ ऐसा ही सामने आया। फूप थाना क्षेत्र में दो दिन पहले भाजयुमो मंत्री रक्षपाल सिंह और पुलिस उपनिरीक्षक रोहित गुप्ता के बीच हुए विवाद और शाम को सराफा व्यवसायी सुबोध सोनी को गोली मारकर हुई लूट की वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने शुक्रवार की देर शाम फूप टीआई संजय सोनी को लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया था, लेकिन यह आदेश अगले ही दिन यानी शनिवार को चंबलरेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अशोक गोयल ने निरस्त कर दिया और फूप टीआई को यथावत थाना प्रभारी बनाए रखने के लिए कहा है।

पूरा घटनाक्रम इस प्रकार रहा, शुक्रवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान इटावा रोड पर क्वारी पुल के नीचे भाजयुमो जिला मंत्री रक्षपाल सिंह कुशवाह और फूप थाने के सब इंस्पेक्टर रोहित गुप्ता के बीच विवाद हो गया था। इस विवाद में दोनों ही लोग घायल हुए। इस घटना के बाद भाजपा नेताओं ने फूप थाने का घेराव करने का प्रयास किया। वहीं फूप पुलिस ने सब इंस्पेक्टर रोहित गुप्ता की फरियाद पर भाजयुमो मंत्री रक्षपाल सिंह सहित पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट के प्रयास सहित अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज किया। यह विवाद पूरी तरह से शांत नहीं हो पाया था कि शाम फूप कस्बे में ही दो बाइकों पर सवार होकर आए चार बदमाश सराफा व्यवसायी सुबोध सोनी को गोली मारकर उनसे 10 लाख रुपए की कीमत के सोने चांदी के जेवरातों से भरा बैग लूट ले गए। इन दोनों घटनाओं के बाद भिण्ड जिले के अटेर से भाजपा विधायक अरविंद सिंह भदौरिया ने ग्वालियर में प्रेसवार्ता की, जिसमें उन्होंने भिण्ड में बिगडी कानून व्यवस्था को लेकर भिण्ड एसपी और पुलिस पर संगीन आरोप लगाए। वहीं भिण्ड एसपी ने शुक्रवार की देर शाम एसआई गुप्ता के साथ फूप टीआई संजय सिंह को लाइन अटैच कर दिया लेकिन अगले दिन शनिवार को चंबलरेंज के डीआईजी अशोक गोयल ने एसपी के उक्त आदेश को निरस्त कर दिया।

इससे पहले भी भिण्ड जिले में तीन सब इंस्पेक्टर चंबलरेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) डीपी गुप्ता द्वारा सीधे सस्पेंड किए जा चुके हैं। हालांकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में है लेकिन आमतौर पर ऐसा कम देखने को मिलता है। करीब छह महीने पहले जब भिण्ड एसपी अवकाश पर चल रहे थे तब क्राइम मीटिंग लेने आए चंबलरेंज के आईजी ने तत्कालीन रौन थाना प्रभारी संजीव मावई को अवैध वसूली की शिकायत के चलते निलंबित कर दिया था। इसी प्रकार पावई थाना प्रभारी रोहित गुप्ता और कोतवाली देख रहे एसआई अनिल रघुवंशी को निलंबित कर दिया था। हालांकि एसपी के अवकाश से लौटने के बाद ये तीनों बहाल हो गए थे।
फूप थाने के टीआई संजय सोनी ने आज यहां बताया कि एसपी साहब ने लाइन अटैच किया था। चंबलरेंज के डीआईजी अशोक गांेयल ने एसपी के आदेश को निरस्त कर दिया है। मैं अधिकारियों के आदेश का पालन कर रहा हूॅं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *