भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले की चंबल नदी में राजस्थान के कोटा बैराज से छह लाख 30 हजार क्यूसेक पानी कल शनिवार को देर शाम को छोड दिया गया है। इससे पहले चंबल में पांच लाख क्यूसेक पानी छोडा जा चुका था। अचानक इतनी मात्रा में छोडे गए पानी चंबल नदी के किनारे बसे भिण्ड जिले के अटेर क्षेत्र के आठ गांव जहां टापू बन गए हैं। वहीं शेष 11 गांव में भी हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। कल देर शाम कलेक्टर छोटे सिंह, जिला पंचायत सीईओ आरपी भारती ने अधिकारियों के साथ अटेर की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही रेस्क्यू टीम को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।

मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में हो रही जोरदार बारिश के बाद गांधी सागर ओवरफ्लो चल रहा है। स्थिति यह है कि गांधी सागर से साढे आठ लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। वहीं कल कोटा बैराज से चंबल में पहले चार लाख, फिर पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम के वक्त यह मात्रा बढाकर छह लाख 30 हजार क्यूसेक पर पहुंच गई। ऐसे में चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढता जा रहा है। कल रात आठ बजे चंबल नदी उदी घाट पर 122.15 मीटर पर पहुंच गई थी। जबकि इस घाट पर खतरे का निशान 119.5 मीटर पर है। यानि वर्तमान में चंबल खतरे के निशान से ढाई मीटर ऊपर बह रही है। ऐसे में चंबल किनारे बसे 19 गांव में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं चंबल में आ रहे उफान की वजह से कछपुरा, खैराहट, नावली वृंदावन, मुकुटपुरा, दिन्नपुरा, नखलौली की मढैया, कोषण की मढैया, रमा कोट आदि गांव टापू बन गए हैं। इधर कलेक्टर ने भी किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए आर्मी रेस्क्यू टीम से भी चर्चा कर ली है। अटेर एसडीएम अभिषेक चौरसिया, अटेर एसडीओपी आरपी मिश्रा, थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

चंबल में जलस्तर बढने के बाद प्रशासन ने भी कमर कस ली है। होमगार्ड की रेस्क्यू टीम ने अपने संसाधनों के साथ अटेर में डेरा डाल दिया है। होमगार्ड कमांडेंट अजय सिंह पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को लीड कर रहे हैं। भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर से तीन मोटरबोट अटेर में मंगवा ली गई हैं, जिसमें एक मघारा और शेष दो अटेर में रखी गई है। इसके अलावा एक चप्पू की छोटी नांव भी है। रात के समय वे और टीम के सभी सदस्य डूब में आने वाले गांव के लोगों से संपर्क बनाए रखेंगे।

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