ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में करवाचौथ पर सुबह से भूखी-प्यासी 7 माह की गर्भवती पत्नी को सिपाही ने जमीन पर पटककर लात घूसों से पीटा। इसके बाद भी मन नहीं भरा तो बेल्ट से पीटा फिर सिर दीवार में दे मारा। घायल महिला रात भर घर में बंद रही। घटना हजीरा थाना शासकीय क्वार्टर की है। सुबह पीडिता का भाई उसे लेकर सीधे महिला थाना पहुंचा। पर महिला थाना पुलिस की असंवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है। पीडिता की सुनवाई नहीं की। इसके बाद पीडिता ने हजीरा थाना में शिकायत की।
हजीरा थाना पुलिस ने सिपाही के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सिपाही कार के लिए 5 लाख रुपए की मांग कर रहा था जो पूरी नहीं होने पर मारपीट की। हजीरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय क्वार्टर यमुना ब्लॉक निवासी मुकेश कुशवाह पुत्र शोकीराम कुशवाह पुलिस आरक्षक है। अभी वह हजीरा थाना में ही पदस्थ है। 22 अप्रैल 2015 को उसकी शादी भिण्ड जिले के मालनपुर निवासी प्रीति कुशवाह के साथ हुई थी। शादी में प्रीति के पिता ने 11 लाख रुपए नगद के अलावा हर वह सामान दिया था जो घर गृहस्थी में जरुरी होता है। पर शादी के बाद से ही ससुराल से प्रीति को परेशान करने की बात आने लगी। अभी प्रीति 7 महीने की गर्भवती है।
17 अक्टूबर करवाचौथ के दिन उसने भी अन्य महिलाओं की तरह पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखा था। ऐसी अवस्था में भी सुबह से भूखी-प्यासी पति के आने का इंतजार कर रही थी, लेकिन रात 11 बजे तक वह घर नहीं आया। कॉल करने पर वह रात को घर पहुंचा तो प्रीति पर नाराज होते हुए उसकी मारपीट शुरू कर दी। सिपाही मुकेश ने पत्नी को जमीन पर पटककर लातों से पीटा। फिर दीवार में सिर दे मारा। उसके पेट में बच्चा है इस पर भी रहम नहीं किया। रात भर उसे कमरे में बंद रखा। सुबह भाई को बुलाकर पीडिता अपने घर पहुंची और वहां से महिला थाना। महिला थाना ने एक नहीं सुनी। हजीरा थाना पहुंचकर शिकायत की। जिस पर मामला दर्ज किया।
प्रीति ने पुलिस को बताया कि इससे पहले भी मुकेश ने उसके साथ मारपीट की थी। करीब डेढ साल पहले की घटना है। तब वह दो माह की गर्भवती थी। उस समय उसके पेट में लात मारकर उसके बच्चे को मार दिया था।
