सागर। मध्यप्रदेश के सागर में खुले में शौच करने पर डेढ़ साल के बच्चे की हत्या कर दी गयी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदेश में खुले में शौच करने के विवाद में बीते 10 दिन के अंदर हत्या की ये दूसरी वारदात और तीसरी मौत है. इससे पहले शिवपुरी में दो दलित बच्चों की भी इस वजह से हत्या कर दी गयी थी।
मध्यप्रदेश के सागर से 100 किलोमीटर दूर भानगढ थाना क्षेत्र के बगसपुर गांव में खुले में शौच करने पर दो पड़ोसियों में हुए झगड़े में एक मासूम की जान चली गई। बगसपुर निवासी मोहर आदिवासी के घर के सामने उसके पड़ोसी राम सिंह का बेटा खुले में शौच कर रहा था. मोहर आदिवासी इस पर बिगड़ गया और वो राम सिंह से इस बात को लेकर झगड़ा करने लगा. दोनों पक्ष की ओर से जबरदस्त गाली-गलौच और मारपीट होने लगी। बात इतनी बढ़ गयी कि मोहर और उसके बेटे उमेश ने राम आदिवासी पर लाठियों से हमला कर दिया और उसकी बुरी तरह पिटाई की. इस दौरान पास खड़े राम सिंह का डेढ साल का बेटा भी इसकी चपेट में आ गया. आरोपियों ने उस पर भी लाठी बरसा दी, जिससे बच्चे की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. इस हमले में राम आदिवासी जख्मी हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसने झगड़ा खत्म कराया। पुलिस ने दोनों आरोपियों मोहर सिंह और उसके बेटे उमेश को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही घायल राम आदिवासी को इलाज के लिए बीना के सिविल अस्पताल भेज दिया है।
इससे पहले 25 सितंबर को शिवपुरी के भावखेड़ी गांव में दो बच्चों की हत्या कर दी गयी थी। यहां रहने वाले हाकिम सिंह यादव ओर रामेश्वर सिंह यादव ने सड़क के किनारे शौच कर रहे दो बच्चों- 12 साल की रोशनी वाल्मीक और 10 साल के अविनाश को लाठी से पीट-पीटकर मार डाला था. दोनों बच्चे आपस में रिश्ते में बुआ-भतीजे थे, ये दोनों सुबह शौच के लिए घर से निकले थे।
