ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के बरासों थाने में पदस्थ आरक्षक रामवरन सिंह गुर्जर की कल हार्ट अटैक से मौत हो गई। आरक्षक रामवरन सिंह प्रतिदिन की तरह कल भी सुवह घूमने ( मॉर्निंग वॉक) के लिए गए थे। वापस आने के बाद ठंडे पानी से नहाया। नहाने के बाद पूजा अर्चना के लिए जाते में अचानक से जमीन पर गिरे। साथी सिपाही उन्हें इलाज के लिए भिण्ड जिला अस्पताल लेकर आए। जहां डॉक्टरों ने आरक्षक को मृत घोषित कर दिया।
ग्वालियर के आंतों गांव निवासी आरक्षक रामवरन सिंह गुर्जर 30वर्ष भिण्ड जिले के बरासों थाने में पदस्थ थे। प्रतिदिन की तरह कल भी मॉर्निंग वॉक पर गए। आरक्षक ने नल के ठंडे पानी से खुले में नहाया। नहाने के बाद पूजा-अर्चना के लिए जाते समय आरक्षक अचानक गिर पडे। उन्हें गिरते देखकर साथी सिपाही गिरीश दौडकर आए। उन्होंने अपने अन्य साथियों को बताया। आरक्षक गुर्जर बेहोशी की हालत में थे। थाने की गाडी से उन्हें जिला अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आए। यहां ड्यूटी पर मिले डॉ. प्रशांत पाठक ने नब्ज पर हाथ रखकर चेक किया तो आरक्षक रामवरन सिंह गुर्जर की मौत हो चुकी थी।
आरक्षक रामवरन सिंह गुर्जर की मौत की खबर मिलने पर आंतों गांव से छोटे भाई सूरज गुर्जर अन्य परिजन के साथ जिला अस्पताल आए। भाई और परिजन की मौजूदगी में डॉ.प्रभात उपाध्याय, डॉ. देवेंद्र सिंह के पैनल से पीएम कराया गया। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों की ओर से आरक्षक की मौत को ह्दयघात से होना बताया जा रहा है।
आरक्षक रामवरन सिंह गुर्जर के परिवार में मां-पिता के अलावा पत्नी मिथलेश सिंह, बेटी अनन्या (5), बेटा रिषभ (2) हैं। छोटे भाई सूरज ने बताया कि भाई रामवरन सिंह 2010 में सीआईएसएफ में भर्ती हो गए थे। उनकी उडीसा में पोस्टिंग थी। सीआईएसएफ से वर्ष 2012 में इस्तीफा दिया। घर आकर तैयारी की और 2014 में पुलिस में आरक्षक के तौर पर भर्ती हो गए। भिण्ड जिले में पहली पोस्टिंग थी। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है आरक्षक रामवरन सिंह गुर्जर 2 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्टी से वापस लौटे थे। पारिवारिक कार्यों के लिए उन्होंने छुट्टी ली थी।
भिण्ड पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने आज यहां बताया कि भिण्ड जिले के बरासों थाने में तैनात सिपाही रामवरन सिंह की हार्ट अटैक से मौत एक गंभीर मामला है। उन्होंने कहा है कि इस घटना के बाद जिले भर के थानों में जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।
