भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान 5 अप्रैल को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए राजधानी भोपाल की सड़कों पर वाहन से निकल कर लोगों से फेस मास्क का उपयोग करने का आव्हान करेंगे। शिवराज ने आज स्मार्ट पार्क में पौधारोपण के बाद पत्रकारों से चर्चा में कहा कि मानवता पर आए कोरोना संकट से मिलकर ही लड़ा जा सकता है। प्रदेश सरकार कोरोना को नियंत्रित करने के लिए तीन मोर्चों पर सक्रिय है, जिसमें फेस मास्क का उपयोग, सोशल डिस्टन्सिंग का समुचित पालन और उपचार व्यवस्था एवं टीकाकरण शामिल हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश में जन-जागरूकता का कार्य निरंतर किया जा रहा हैं। इस क्रम में 5 अप्रैल को वे भोपाल शहर की सड़कों पर वाहन से निकल कर उद्घोषणा करते हुए लोगों को फेस मास्क का उपयोग करने के लिए कहेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना का बढ़ता संक्रमण एक चुनौती है। इससे निपटने के लिए जनता का उत्साह बढ़ाएंगे। जो व्यक्ति फेस मास्क का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा तथा फेस मास्क का उपयोग नहीं करने वालों को समझाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिक संक्रमित सीमावर्ती प्रांतों से सामान्य आवाजाही रोकने पर विचार किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के बाद छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामले अधिक आ रहे हैं। इन राज्यों से आवश्यक कार्यों से आने-जाने वालों पर प्रतिबंध नहीं होगा, लेकिन उनकी चिकित्सा जाँच के बाद उन्हें आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था होगी। यह संक्रमण रोकने में मददगार उपाय होगा तथा संक्रमण रूकने तक इन पर अमल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे लम्बा लॉकडाउन नहीं चाहते। वर्तमान में जिन नगरों में रविवार को लॉकडाउन की व्यवस्था है,वह जारी रहेगी। छिंदवाड़ा और बैतूल जिले जहाँ संक्रमण अधिक है वहाँ दो अथवा तीन दिन का लॉक डाउन किया गया है। पूरे प्रदेश में लॉक डाउन लागू नहीं होगा। गरीबों की रोजी-रोटी चलना चाहिए। फेस मास्क के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘मास्क नहीं तो बात नहीं’ और ‘मास्क नहीं तो सामान नहीं’ जैसे स्लोगन का उपयोग किया जाएगा। नागरिकों के आत्मानुशासन से कोरोना को नियंत्रित किया जा सकता है। कोरोना संकट से निपटने के लिए राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। भारत सरकार से पर्याप्त डोज प्राप्त हुए हैं। कुछ जिलों ने वैक्सीनेशन के लक्ष्य में डेढ़ गुना और दो गुना उपलब्धि अर्जित कर दिखाई है। जिलों में आवश्यक व्यवस्था और कोविड केयर सेंटर भी कार्य करते रहेंगे।
