सागरसंभागीय मुख्यालय सागर में हथियार की सूचना पर एक मकान में दबिश देने पहुंची पुलिस को करीब 3 करोड़  दो लाख 14 हजार रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा इलाके का है। पुलिस को मकान से हथियार तो नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए मौके पर मशीन मंगानी पड़ी। आरोपियों के फोटो सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ वायरल थे।

जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ एक फोटो वायरल होने और अवैध हथियार रखे होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद गोपालगंज थाना पुलिस ने सौरभ अहिरवार, पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर दबिश दी। पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान हथियार नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी रखी मिली। पुलिस ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।प्रारंभिक अनुमान में नकदी करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 

रिश्तेदार का बताया जा रहा है पैसा

पुलिस की पूछताछ में परिवार के लोगों ने दावा किया कि बरामद रकम उनके एक रिश्तेदार की है। बताया गया है कि यह रिश्तेदार भोपाल में पीडब्ल्यूडी में रिटायर्ड इंजीनियर रमेश अहिरवार की हैं। परिवार के मुताबिक रकम करीब आठ महीने पहले मकान में लाई गई थी।हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी घर में रखे जाने को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम वास्तव में किसकी है, इसका स्रोत क्या है और इसे घर में रखने की वजह क्या थी।

राजस्व और आयकर विभाग को दी सूचना

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राजस्व विभाग और आयकर विभाग को भी सूचना दी। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर नकदी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रकम के स्वामित्व, स्रोत और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

एसपी अनुराग सुजानिया समेत अधिकारी पहुंचे

मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी अनुराग सुजानिया भी मौके पर पहुंचे। वे कई घंटे तक मकान के अंदर रहे और परिवार के सदस्यों से पूछताछ तथा जांच की कार्रवाई की निगरानी की। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व और आयकर विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं।

एसपी अनुराग सुजानिया  ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार आदि प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तहत पुलिस सौरभ के घर पहुंची थी। तलाशी के दौरान एक अलमारी से करीब 3 करोड़ रुपये की राशि मिली है। परिवार की ओर से इसे रिश्तेदार की रकम बताया जा रहा है। कोई भोपाल के रमेश कुमार अहिरवार है । रकम करीब आठ महीने पहले घर में ईलाए जाने की बात भी सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

दोनों भाई चलाते हैं किराए की टैक्सी : लेकिन  दो साल me बदला रहनसहन

बताया गया है कि सौरभ अहिरवार अपने भाई अंकित और मां रचना बाई के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं। उनके पिता जगदीश अहिरवार का निधन हो चुका है। दोनों भाइयों के खर्चो की क्षेत्र में चर्चाए बनी रहती थी । स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरभ के पिता के निधन के बाद उसका परिवार बेहद गरीबी में जिंदगी बिता रहा था। सौरभ ऑटो चलाता था और उसकी मां घरों में काम करती थीं। लेकिन डेढ़-दो साल पहले काम बंद करने के बाद परिवार का रहन-सहन अचानक बदल गया और हाल ही में 40 लाख का एक प्लॉट भी खरीदा गया था।

अब इन भाइयों के पास से इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पुलिस अब परिवार के बताए दावे की भी जांच कर रही है। रकम से जुड़े दस्तावेज, उसके वास्तविक मालिक और आय के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है।

एडिशनल एसपी बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई

एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि गोपालगंज पुलिस को हथियार संबंधी सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर मकान में दबिश दी गई थी। तलाशी के दौरान नकदी बरामद हुई है। पैसा किसका है और कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस, राजस्व और आयकर विभाग की जांच जारी है। नोटों की गिनती, दस्तावेजों के सत्यापन और रकम के स्रोत की जांच पूरी होने के बाद ही करीब 3 करोड़ रुपये की इस नकदी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।