भोपाल। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने पन्ना जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में 15 अप्रैल सुबह 6 बजे तक, मंडला और देवास जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में 19 अप्रैल सुबह 6 बजे तक के लिए लॉकडाउन बढ़ा दिया है। इधर, भोपाल को लेकर भी रविवार को फैसला होने की बात थी, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार लॉकडाउन नहीं लगा रही है, बल्कि सामुदायिक संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए ‘कोरोना कर्फ्यू’ लगा रही है। इस दौरान आर्थिक गतिविधियों से सहित कई सेक्टर में छूट दी जाएगी। 24 घंटे में मिले 5939 केस : बीते 24 घंटे में प्रदेश में 5,939 पॉजिटिव केस मिले हैं। इस दौरान 24 लोगों की मौतें हुई। रतलाम, उज्जैन, बैतूल, छिंदवाड़ा, बड़वानी, बालाघाट, उमरिया, झाबुआ और कटनी में 100 से अधिक केस सामने आए। प्रदेश में पिछले 10 दिन में 186 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है।
मंत्रालय और सरकारी दतरों में 25% कर्मचारी रहेंगे उपस्थित
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान अन्य राज्य से सभी तरह के आवागमन पर कोई रोक नहीं है। उद्योग चलते रहेंगे। परीक्षा केंद्रों में जाने वाले छात्र, अन्य स्टाफ, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, दूरसंचार, बिजली सप्लाई, रसोई गैस सेवाएं भी चालू रखी गई हैं। कैब सेवाएं जारी रहेंगी। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट से आने जाने वाले नागरिक, आईटी कंपनियां बीपीओ, मोबाइल कंपनियों की यूनिट्स, अखबार वितरण, होटल (जिनमें, रूम इन डाइनिंग हैं), उन पर प्रतिबंध नहीं है। राज्य सरकार ने मंत्रालय सहित राज्य स्तरीय कार्यालयों में अधिकारियों तथा कर्मचारियों की उपस्थिति सीमित कर दी है। इन दतरों में प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारी शत प्रतिशत आएंगे, जबकि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 25 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति रोटेशन के तहत होगी।
