ग्वालियर। मध्यप्रदेश के चंबल संभाग का भिण्ड दूरसंचार ऑफिस बंद के कगार पर है। एक सप्ताह से भी अधिक समय से भिण्ड शहर के टेलीफोन केबिल कट जाने से बंद पडे है। टेलीफोन बंद होने से इंटरनेट सेवा भी पूरी तरह बंद है। जब इस संबंध में दूरसंचार विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेंटीनेंस के नाम पर विभाग के पास एक भी पैसा नहीं है। इसलिए केबिल जोडने के लिए पैसों की जरुरत है लेकिन विभाग से पैसा नहीं मिलने से कैबिल नहीं जोडी जा रही है। जब तक विभाग से पैसा नहीं मिलता है टेलीफोन की केबिल जुड पाना संभव नहीं है। भिण्ड का दूरसंचार विभाग बिना अधिकारियों के चल रहा है। कोई अधिकारी जिला मुख्यालय पर नहीं रहता है।
दूरसंचार विभाग के जिला प्रबंधक विनोद कुमार रावत ने आज यहां बताया कि टेलीफोन मेंटीनेंस के लिए पिछले एक साल से एक भी पैसा नहीं मिला है। ऐसी स्थिति में केबिल को जोड पाना संभव नहीं है। भिण्ड शहर की ग्वालियर रोड, बजरिया सहित शहर के अति महत्वपूर्ण नम्बर खराब है। इन टेलीफोन को हाल-फिलहाल ठीक नहीं किया जा सकता है। भिण्ड शहर की स्थिति के बारे में भोपाल और दिल्ली में बैठे अधिकारियों को अबगत करा दिया गया है। कोई भी अधिकारी भिण्ड की तरफ घ्यान नहीं दे रहा है इसलिए टेलीफोन ठीक होना संभव नहीं है।
दूरसंचार विभाग के डीई माहौर ने बताया कि भिण्ड का दूरसंचार विभाग की हालत काफी खराब है। कोई अधिकारी भिण्ड नहीं आना चाहता है। यहां समस्याएं काफी है पैसा नहीं मिलने से लोगों की शिकायतों का निराकरण संभव नहीं है। स्टाफ को नियमित वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में अधिकारी भिण्ड मुख्यालय पर रहकर क्या करे।
दूरसंचार विभाग के एई भूपेश शाक्य ने बताया कि भिण्ड का दूरसंचार विभाग का ऑफिस कागजों में संचालित है। यहां कोई सुविधा नहीं होने से टेलीफोन उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण नहीं होने से लोग अपने कनेक्शन कटवा रहे है। भिण्ड शहर के अधिकांश फोन खराब पडे है। जब विभाग से मेंटीनेंस के पैसे नहीं आ रहे है तो विभाग के अधिकारी भी मुख्यालय पर नहीं आते है। भिण्ड शहर में करीबन 400 कनेक्शन है जिसमें करीबन 100 फोन एक सप्ताह से भी अधिक समय से खराब है। केबिल कटने से टेलीफोन खराब होने की संख्या निरंतर बढती ही जा रही है।
