
ग्वालियर। पूरे मध्यप्रदेश में रसायनिक कैमिकल्स से कृत्रिम तरीके से दुध बनाकर आमजन की जिन्दगी से खिलवाड की जा रही है। चंबल संभाग के भिण्ड-मुरैना जिले में एसटीएफ और फूड सेफ्टी के छापे के बाद भी सिंथेटिक दूध का कारोबार नहीं थमा, टोल से बेखौफ गुजर रहे दूध के टैंकर एसटीएफ और फूड सेफ्टी टीम की कार्रवाई के बाद भी भिण्ड और मुरैना जिले में सिंथेटिक दूध का कारोबार थमा नहीं है।…
एसटीएफ और फूड सेफ्टी टीम की कार्रवाई के बाद भी भिण्ड और मुरैना जिले में सिंथेटिक दूध का कारोबार थमा नहीं है। टैंकरों के माध्यम से यह दूध न सिर्फ जिले में संचालित चिलर प्लांटों और फूड फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा है, बल्कि जिले के बाहर भी इनकी सप्लाई बेखौफ की जा रही है। भिण्ड जिले के अटेर-पावई मार्ग और भिण्ड-लहार रोड से प्रतिदिन 60 से 70 दूध के टैंकर अभी भी गुजर रहे हैं। टोल नाका के कर्मचारियों की मानें तो पहले भी इतने ही टैंकर यहां से गुजरते थे। इनकी संख्या में कोई कमी नहीं आई है। 2 बार एसटीएफ की टीमों ने भिण्ड के लहार में एक डेयरी और एक चिलिंग सेंटर से 41 सौ लीटर सिंथेटिक दूध और 1500 किलो पनीर जब्त किया था। वहीं मुरैना के अंबाह में वनखंडेश्वर डेयरी से 14500 लीटर सिंथेटिक दूध जब्त किया था। इन तीनों प्रतिष्ठानों के मालिकों के खिलाफ एसटीएफ के भोपाल थाने में केस दर्ज हो चुका है।
भिण्ड जिले के अटेर ब्लॉक के बाद भिण्ड-लहार रोड पर सबसे ज्यादा मिलावटी दूध का कारोबार होता है। इस रोड पर प्रतिदिन 35 से 40 दूध के टैंकर गुजरते हैं। सोमवार की शाम छह बजे तक भिंड लहार रोड पर 32 दूध के टैंकर गुजरे। इसी प्रकार अटेर पावई रोड पर से भी रोज 30 से 35 दूध के टैंकर दौडते हैं। जो कि सोमवार को भी दौडे। वहीं भिण्ड ग्वालियर रोड पर मालनपुर टोल प्लाजा से शाम छह बजे तक 12 दूध के टैंकर गुजरे। चिलर प्लांट चलाने वाले राजीव शर्मा बताते हैं कि दूध की सप्लाई तो पहले जैसी हो रही है। लेकिन फूड सेफ्टी की टीम पर नजर रखनी पड रही है।
फूड सेफ्ट्री अधिकारी सतीश धाकड ने आज यहां बताया कि मिलावटी दूघ का कारोवार करने वालों के खिलाफ कार्यवाही जारी है। चिल्लरों पर छापामार कार्यवाही के बाद उनके सेंपल जांच के लिए भेजे गए है।
मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर खाद्य विभाग ने इंदौर में डेरी फार्म पर सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान खाद्य विभाग की टीम शहर की 10 से ज्यादा डेयरी फार्म पर पहुंची और वहां पर दूध के सैंपल लिए गए। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर और खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर डेरी फार्म पर छापेमार कार्रवाई के आदेश दिए।
इस दौरान टीम ने देव नारायण मिल्क, महावीर डेरी, मदनी मिल्क और एरोड्रम क्षेत्र की कृष्ण डेरी सहित शहर की अन्य डेरियों पर पहुंचकर दूध के सैंपल लिए। जांच के दौरान कुछ डेयरियों पर टीम को अनियमितताएं भी मिलीं, जिस पर संचालकों को नोटिस दिए गए।
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार मनीष श्रीवास्तव और फूड अधिकारी मनीष स्वामी की टीम ने महावीर डेरी से 510 किलो पनीर जब्त किया है। और दबिश के दौरान लिए गए दूध के सैंपल को टीम ने जांच के लिए लैब भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
