इंदौर। हाई कोर्ट ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार के नोटिफिकेशन का प्रभाव नहीं होगा और मप्र में निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। इधर कोरोना संक्रमण को रोकने में प्रभावी रेमडेसिविर इंजेक्शन के संकट को लेकर इंदौर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।

हाई कोर्ट इंदौर की डिवीजन बेंच में एमवाय हॉस्पिटल द्वारा लगाई गई एक याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए कोर्ट ने मध्यप्रदेश में निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई के आदेश जारी करते हुए कहां कि सप्लायर महाराष्ट्र सरकार के दिनांक 30 3 21 के अध्यादेश से प्रभावित हुए बिना सप्लाई जारी रखें।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ इंदौर के न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल एवं न्यायमूर्ति शैलेंद्र शुक्ला की खंडपीठ ने उक्त आदेश किया। याचिकाकर्ता एम वाय हॉस्पिटल की ओर से तर्क अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव ने रखें, केंद्र सरकार की ओर से भाग्यश्री सुगंधी एवं सप्लायर आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स की ओर से अधिवक्ता अक्षय सप्रे ने पक्ष रखा।


रेमडेसीवीर को लेकर याचिका

इधर कोरोना संकट से जुझ रहे इंदौर शहर में जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसीवीर की उपलब्धता को लेकर राम बहादुर की ओर से एडव्होकेट गौतम गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल ने हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की है। इसमे कहा गया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होकर जिंदगी और मौत से जुझ रहे मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए परेशान होना पड़ रहा है और इसकी कालाबाजारी हो रही है। को लेकर ने एडव्होकेट गोतम गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल ने एक याचिका दायर की।

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