मुरैना। मध्यप्रदेश के चंबल संभाग के मुरैना में फर्जी मार्कशीट से 20 साल पहले शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाली महिला को उसकी ही बहू की शिकायत के बाद पद से बर्खास्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि बहू ने पारिवारिक कलह की वजह से प्रशासन से शिकायत की थी। आरोप है कि महिला ने नौकरी के वक्त जो मार्कशीट लगाई थीं, उसमें उम्र और नाम में गडबडी पाई गई थी। कलेक्टर ने चार अगस्त को महिला शिक्षक प्रेमलता गोयल की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। प्रेमलता जरेरुआ प्राइमरी स्कूल में पदस्थ थीं।

मुरैना की रहने वाली प्रेमलता की 1998 में अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई थी। आरोप था कि प्रेमलता ने अपनी मार्कशीट में उम्र और अन्य जानकारी से छेडछाड की थी। प्रेमलता गोयल के बेटे योगेश की कुछ सालों पहले सडक हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद सास-ससुर और बहू के बीच झगडे होने लगे। मामला न्यायालय तक पहुंच गया। शिक्षा अधिकारी के अनुसार, बहू ने ही जनसुनवाई में कई शिकायतें की थीं। जांच में फर्जीवाडा पकड में आया।

बताया गया कि सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए शिक्षक प्रेमलता गोयल ने दो-दो मार्कशीट बनवाईं। पहली उत्तरप्रदेश के आगरा की और दूसरी मध्यप्रदेश की। आगरा की मार्कशीट में उन्होंने अपनी जन्मतिथि 3 अगस्त 1964 बताई है, जबकि उनकी ही बेटी आरती के द्वारा जारी प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 15 जून 1976 है। यानी मां-बेटी की उम्र में महज 12 साल का अंतर है।

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