0000000ग्वालियर। मध्यप्रदेश के चंबल संभाग का भिण्ड जिला का अस्पताल केन्द्र सरकार की कायाकल्प योजना में प्रथम पायदान पर आया है। भिण्ड जिला चिकित्सालय को 100 में से 76 अंक मिले है। पिछले साल भिण्ड का अस्पताल तीसरे स्थान पर था। भिण्ड कलेक्टर इलैया राजा टी ने अस्पताल को नम्बर वन पर लाने के लिए अब की बार पूरी तैयारी के साथ काम करना शुरु किया और चिकित्सालय के डॉक्टरों व स्टाफ के सहयोग से प्रथम स्थान का मुकाम हासिल किया है। जिला चिकित्सालय के बाद अब भिण्ड जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पुरुष्कार की श्रेणी में लाने के लिए तैयारिया शुरु कर दी गई है। भिण्ड के जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों व स्टाफ की बडी कमी के बावजूद सीमित स्टाफ के बल पर प्रथम स्थान पाना ये गौरव की बात है। एक साल में 4 महिला डॉक्टरों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अस्पताल प्रबंधन ने महिला डॉक्टरों की कमी से जूझते हुए अपना हौंसला नहीं छोडा और नतीजा आपके सामने है।
केन्द्र सरकार की कायाकल्प अभियान में पुरुष्कार के लिए अधोसंरचना, साफ-सफाई, फर्नीचर, प्रकाश व्यवस्था, जल व्यवस्था, हाईजीन कन्ट्रोल, ऑपरेशन थिएटर, मेटरनिटी विंग, ओपीडी, ओपीडी में गुणवता युक्त सेवाएं, कपडों की धुलाई, किचिन मैनेजमेंट, भोजन साम्रगी की गुणवता व वितरण व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, पेस्ट कंट्रोल, साइनीज वोर्ड, डिजिटल वोर्ड, बायोमेडीकल वेस्ट मैनेजमेंट आदि बिन्दुओं पर आंकलन किया जाता है। जिला प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन द्वारा अब्बल स्थान पाने के लिए पिछले साल से ही मशक्कत की जा रही है। पिछले साल भिण्ड जिला चिकित्सालय को तीसरा स्थान मिला था, इस तीसरे स्थान से भिण्ड जिला प्रशासन को संतोष नहीं था। इस बार चिकित्सालय में और व्यवस्थाओं को सुधारा गया और प्रथम पायदान का खिताब हासिल किया।
भिण्ड जिले की जनसंख्या बृद्धि होने के कारण अब जिला चिकित्सालय को 600 बिस्तरों का अस्पताल बनाने के साथ ही इसमें ट्रामा यूनिट को सशक्त बनाए लाने की आवश्यकता है। जिले में 2 नेशनल हाईवे एवं 2 स्टेट हाईवे होने से सडक दुर्घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। चिकित्सालय में सीटी स्क्रेन मशीन स्थापित कराए जाने के साथ ही न्यूरो सर्जन, सामान्य सर्जरी, मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थी तथा अल्ट्रासाउण्ड तथा एक्सरे आदि की 24 घण्टे उपलब्ध कराए जाने की जरुरत है।
कलेक्टर इलैया राजा टी ने बताया कि जिला चिकित्सालय की सूरत बदलने और सही सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही रोगियों को बेहतर सुविधा देने का संकल्प एक साल पहले ही ले लिया था। उसी का परिणाम है आज भिण्ड जिला चिकित्सालय को प्रथम स्थान मिला है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉं. जेपीएस कुशवाह ने बताया कि 17 डॉक्टर और 41 स्टाफ नर्स के पद खाली होने के बावजूद भिण्ड जिला चिकित्सालय द्वारा मरीजों को दी गई बेहतर सेवाओं के लिए प्रदेश में अब्बल स्थान मिला है। भिण्ड जिला अस्पताल को 500 में से 380 अंक मिले है।

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