ग्वालियर। भिण्ड पुलिस लाइन के समीप संदिग्ध कार का पीछा करने पर कार में सवार युवक ने कार का पीछा कर रही पुलिस पर गोलियों से फायर खोल दिए। बाद में चौतरफा से घेराबंदी कर कार को गौरी किनारे से बरामद कर उसे चला रहे विनीत पाण्डे को पकड लिया हैं। पकडा गया युवक भिण्ड पुलिस में हवलदार आनंद किशोर पाण्डे का पुत्र है।
सीएसपी राकेश छारी ने आज बताया कि पुलिस कन्ट्रोल रुम को कल शाम को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की कार में कुछ लोगों के साथ एक युवती संदिग्ध परिस्थितियों में है जो पुलिस लाइन के पास खडी है। पुलिस कन्ट्रोल रुम से पॉइंट मिलने पर शहर कोतवाली के एसआई यतेन्द्र सिंह पुलिसबल के साथ मौके पर पहंुचे तो पुलिस देखकर गाडी भागी। पुलिस ने सफेद रंग की उस संदिग्ध गाडी का पीछा किया तो गाडी में से पुलिस पर गोलियां चलाई गई। पुलिस ने भी भाग रही कार पर निशाना साधा पर गोली नहीं चलाई। एक घण्टे पीछा करने के बाद पुलिस ने गौरी किनारा रोड पर गाडी पकड ली और कार में सवार विनीत पाण्डे को पकड लिया। पुलिस ने गाडी में से एक 315 बोर का कट्टा व तीन जिन्दा कारतूस बरामद किए है। पकडा गया विनीत पाण्डे भिण्ड जिले के बरोही थाने में पदस्थ हवलदार आनंद किशोर पाण्डे का पुत्र है।
संदिग्ध कार का पीछा कर रहे शहर कोतवाली के एसआई यतीन्द्र सिंह ने बताया कि कार में एक लडकी सवार थी जब कार को रुकवाने का प्रयास किया तो पुलिसबल पर फायर किए गए। बीटीआई रोड पर कार में से एक लउकी को उतार दिया जो अचानक कहीं गायब हो गई। बाद में चौतरफा से घिर चुके कार में सवार युवक कार छोडकर भागा तो पुलिस ने उसे भागकर अपनी हिरासत में लिया। जब कार की तलाशी ली गई तो कार में एक 315 बोर का कट्टा व तीन जिन्दा कारतूस बरामद किए गए। शहर कोतवाली पुलिस ने पकडे गए विनीत पाण्डे को आर्म्स एक्ट में गिरतार किया है।
पकडे गए विनीत पाण्डे के पिता हवलदार आनंद किशोर पाण्डे का आरोप है शहर कोतवाली पुलिस ने उनके बेटे पर झूठा अपराध दर्ज किया है उनका बेटा पूरी तरह निर्दाेष है। उसके पास कट्टा व कारतूस भी नहीं मिले है। पाण्डे जो खुद पुलिस में है उनका कहना है कि भिण्ड में कानून केवल गरीबों को सताने के लिए है। भिण्ड में अधिकांश मामले दवाब, हस्तक्षेप, पैसे के बल पर कायम कराए जाते है। पुलिस में अपना कोई बजूद नहीं है। मेरे बेटे को भी किसी षडयंत्र के तहत फंसाया गया है। पुलिस सक्रिय है और कानून के तहत निष्पक्ष काम करती है तो पुलिस पर आए दिन हमले हो रहे है तो उनके हमलावर क्यों नहीं पकडे जा रहे।

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