इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में प्लाट के लिए लगभग दस साल से संघर्ष कर रही महिला को हाई कोर्ट के आदेश के बाद आज प्लाट की रजिस्ट्री होने का अवसर आया लेकिन समयचक्र कुछ ऐसा घूमा कि यह महिला कोरोना का शिकार होकर दुनिया से विदा हो गई।

मामला इंदौर जिले के बेटमा के काली बिल्लोद में विकसित विद्या विहार टाउनशिप का है। इंदौर के कनाड़िया रोड़ पर रहने वाली करीब 48 वर्षीय महिला को लगभग दस साल हो गए थे अपने प्लाट की रजिस्ट्री के इंतजार में। हाल ही में हाई कोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद जगी थी कि अब संघर्ष खत्म हुआ। आज विद्या विहार टाउनशिप में उसके खरीदे प्लाट की रजिस्ट्री होनी थी।

बताते हैं कि सब तैयारी हो चुकी थी, स्लॉट भी बुक हो चुका था और पंजीयन शुल्क भी भरा जा चुका था। कई सालों से उस जैसे सैंकड़ों लोगो को त्रास देने वाले जमीन मालिक कंपनी का डायरेक्टर भी हाई कोर्ट के आदेश पर इंदौर के पंजीयन कार्यालय पहुँच चुका था। जिस कंपनी के मार्फत प्लाट बेचा गया था नागपुर से उसका डायरेक्टर भी आज सुबह इंदौर आ चुका था, पर होनी को कुछ और ही मंजूर था।

बताते हैं कि करीब बारह साढ़े बारह बजे पुलिस को सूचना मिली कि इस महिला को कोरोना ने लील लिया हैं जिसके कारण उसके प्लाट की रजिस्ट्री की प्रक्रिया नही हो पाई। इसके पूर्व एक पखवाड़े में वह तीन चार बार रजिस्ट्रार कार्यालय आ चुकी थी, मगर कभी सर्वर डाउन तो कभी अन्य कारणों से रजिस्ट्री टलती रही और आज जब सब कुछ तैयार था तो वह दुनिया से चली गई।

उल्लेखनीय है कि उक्त टाउनशिप डेवलप करने वाली एआर टाउन डेवलपर्स कंपनी के डायरेक्टर कैलाश मंडपे को हाई कोर्ट द्वारा इसी शर्त पर जमानत दी गई थी कि वह बचे हुए सभी प्लाटों की रजिस्ट्री करेगा।

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