मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेसी सरकार में कैबिनेट मंत्री पी.सी शर्मा ने सूबे की सड़कों को लेकर बीजेपी पर तंज कसा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुराने बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने 15 अक्टूवर मंगलवार को राजधानी भोपाल में कहा कि यह वॉशिंगटन और न्यूयॉर्क (अमेरिका) की सड़के थीं कैसी? पानी गिरा जमकर और यहां गड्ढे ही गड्ढे हो गए। जैसे बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के गाल हैं, वैसे सड़कों पर गड्ढे हो गए। पर 15 से 20 दिन में ये बॉलीवुड एक्ट्रेस और यूपी के मथुरा से भाजपा की सांसद हेमा मालिनी के चेहरे जैसे चका-चक हो जाएंगे।
मंगलवार को जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा राजधानी भोपाल की खस्ताहाल सडकों की स्थिति देखने निकले थे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी साथ थे। हबीबगंज इलाके में पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने खराब सड़कों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी तंज कसा।
मंत्री ने कहा, यह वॉशिंगटन और न्यूयॉर्क की सडकें थी कैसीं? जमके पानी गिरा और यहां गड्ढे ही गड्ढे हो गए। इसी बीच पीडब्ल्यूडी मंत्री बोले- चेचक के दाग जैसे हो गए। अपनी बात पूरी करते हुए शर्मा ने कहा, सडकों पर गड्ढे कैलाश विजयवर्गीय के गाल जैसे हो गए।
उन्होंने कहा, सज्जन भाई के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के निर्देश पर जैसा उन्होंने कहा है, 15 दिन में सड़कों को दुरुस्त करा लिया जाएगा। नगर निगम का भी 21 करोड़ का टेंडर हो चुका है। राजधानी परियोजना के भी टेंडर हो गए हैं। 15 से 20 दिन में सडकें चकाचक हो जाएंगी। हेमा मालिनी के गाल जैसी हो जाएंगी।
आपको याद दिला दें 24 अक्टूबर 2017 को तत्कालीन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में प्रदेश की सडकों को अमेरिका से बेहतर बताया था। उन्होंने कहा था, जब मैं वॉशिंगटन हवाई अड्डे पर उतरा और वहां सड़कों पर यात्रा की, तो मुझे लगा कि मध्यप्रदेश में सड़कें अमेरिका से बेहतर हैं। इससे पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी सडकों को हेमा मालिनी की तरह करने का बयान देकर विवादों में आ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हमने केंद्र सरकार से उसके आपदा प्रबंधन कोष से एक हजार एक सौ पचपन करोड़ रुपए की मांग की है। हम खराब सड़कों के निर्माण के मामले में जांच कराएंगे और जो भी ठेकेदार व अधिकारी इस बाबत दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
