छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिदंवाड़ा जिले के मोहन नगर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में असफल होने के तनाव से आहत एक नाबालिग बालिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया है।

जानकारी के अनुसार, आज ही में घोषित हुई मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा के परिणाम में बालिका फेल हो गई थी। परिणाम आने के बाद से वह लगातार उदास और चिंतित रहने लगी थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह परीक्षा के दबाव और फेल होने के सदमे से काफी तनाव में थी। घर के अन्य सदस्य अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान बालिका कमरे में चली गई और फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने तुरंत दरवाजा तोड़ा और बालिका को नीचे उतारा। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पूरे मामले को आत्महत्या बताया है। यह घटना एक बार फिर बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद छात्र-छात्राओं पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के बाद बच्चों को सही काउंसलिंग और परिवार का सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। परिजन और स्थानीय लोग बालिका की मौत पर गहरा दुख जता रहे हैं। इस घटना ने पूरे मोहन नगर क्षेत्र को सदमे में डाल दिया है।
12वीं में फेल हुआ तो छात्र ने गोली मारकर की आत्महत्या

मध्य प्रदेश में आज 12वीं बोर्ड की परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। प्रदेश भर में नतीजों को लेकर प्रतिभाशाली बच्चों में भारी उत्साह है, वहीं मुरैना से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां अपने 12वीं के नतीजे से नाखुश छात्र ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। मृतक की पहचान ऋतिक उर्फ बेटू डंडोतिया पुत्र शैलेन्द्र डंडोतिया निवासी महावीर पुरा मुरैना के रुप में हुई है। ऋचित कक्षा 12वीं में गणित का छात्र था। सुबह 11 बजे रिजल्ट घोषित होने के बाद वह स्कूटी पर सवार होकर माता बसैया के दर्शन करने की कहकर निकला था। घर से कोतवाल डैम के पास कट्टे से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
