
भोपाल। मध्यप्रदेश के ग्वालियर संभाग के गुना जिले में वारंटियों की धरपकड में जुटे 30 पुलिसकर्मियों के खिलाफ राजस्थान में रिपोर्ट दर्ज की गई है। राजस्थान पुलिस का आरोप है कि बीते 19 जुलाई को गुना जिले की चाचौडा और कुंभराज पुलिस ने बिना अनुमति राजस्थान की सीमा में घुसकर खानपुरिया गांव के ग्रामीणों पर गोलियां बरसाईं थी। इसमें एक ग्रामीण पुलिस की गोली से घायल हो गया था। अब इस संवेदनशील मामले को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान की पुलिस में ठन गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक बीते 19 जुलाई को जिले के पुलिस कप्तान राहुल लोढा ने वारंटियों और बाइक चोरों की धरपकड के लिए 100 पुलिस कर्मचारियों की टीम गठित की थी। इस दौरान पुलिस टीम ने कोन्याकला डांग, कालापीपल समेत खानपुरिया गांव में दबिश दी और 3 बाइक चोरों को पकडा। बदमाशों के सरगना जसमन भील को पकडने के लिए पुलिस ने रणनीति बनाई, लेकिन इसी बीच जिस गांव में दबिश दी गई वहां पहले से ही तंवर समाज से जुडे सैकडों लोगों की पंचायत चल रही थी।
राजस्थान और मध्यप्रदेश के लोगों द्वारा पंचायत में एक लडकी के अपहरण का मामला सुलझाया जा रहा था। पंचायत ने जब पुलिस को अपनी ओर आता देखा तो उन्हें गलतफहमी हो गई की पुलिस उन्हें पकडने आई है। इस गलतफहमी के चलते पंचायत में मौजूद सैकडों ग्रामीणों ने चाचौडा और कुंभराज की पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
लिहाजा, पुलिस ने भी अपने बचाव में हवाई फायरिंग कर दी। हवाई फायरिंग करते हुए गुना पुलिस राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गई। इसमें राजस्थान के खानपुरिया गांव में एक ग्रामीण की कमर में पुलिस की गोली लग गई। गोली लगने के बाद अब जिले के 30 पुलिसकर्मियों के खिलाफ राजस्थान के मनोहर थाना पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वहीं पथराव के 23 नामजद समेत 200 अन्य महिला और पुरुषों के खिलाफ भी मध्यप्रदेश के गुना जिले के चाचौडा और कुंभराज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पथराव में घायल हुए पुलिसकर्मी उपनिरीक्षक श्रीराम तिवारी समेत 5 पुलिसकर्मियों का चाचौडा में इलाज जारी है।
