भोपाल। मध्यप्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर मंत्रियों और नेताओं के बीच चल रहा विवाद अब अधिकारियों तक पहुंच गया है। होशंगाबाद में इस मुद्दे पर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह और एसडीएम रविश श्रीवास्तव आपस में भिड़ गए हैं। एसडीएम का आरोप है कि अवैध रेत भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करने पर कलेक्टर ने उन्हें 3 घंटे अपने बंगले पर बंधक बनाया। दूसरी ओर कलेक्टर की रिपोर्ट पर होशंगाबाद के संभागायुक्त रविन्द्र मिश्रा ने एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
एसडीएम रविश श्रीवास्तव ने पूरी घटना का ब्यौरा 13 सितंबर को प्रमुख सचिव कार्मिक को पत्र लिखकर भेज दिया है। इस पत्र में उन्होंने कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि कलेक्टर ने उन्हें तीन घंटे तक अपने बंगले में बंधक बनाया, उन्हें जेल भेजने की धमकी दी, उनकी कार की चाबी छीन ली गई। इस पूरे घटना की सूचना उन्होंने रात 2 बजे संभागायुक्त को दे दी थी। रात 3.15 बजे मुझे पैदल बंगले से बाहर कर दिया गया। उनका कहना है कि पूरा घटनाक्रम कलेक्टर के बंगले पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दर्ज है। दरअसल कलेक्टर नहीं चाहते थे कि मैं कुलामणी रेत भण्डारण से हो रहे अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करूं, जबकि इस भंडारण पर 50 से ज्यादा डंपर खड़े थे। इसके अलावा कलेक्टर आफिसर क्लब मामले की फाईल भी मुझसे चाहते थे, लेकिन मुझे पावती नहीं देना चाहते थे। लगभग 50 करोड़ जमीन की यह फाइल में बिना पावती के कैसे दे सकता था।
इस संबंध में कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह का कहना है कि एसडीएम प्रशासन का हिस्सा है उन्हें कभी भी बंगले पर बुलाया जा सकता है। उनका कहना है कि उन्होंने पूरी घटना के बारे में संभागायुक्त और शासन को अवगत करा दिया है। इधर खबर है कि संभागायुक्त रविन्द्र मिश्रा ने एसडीएम के पत्र पर कार्रवाई करने के बजाए कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम श्रीवास्तव को शोकाज नोटिस जारी कर दिया है।
