
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज मंगलवार को भोपाल में आयोजित संत समागम में विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘‘भगवा पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं। भगवा पहनकर लोग बलात्कार कर रहे हैं। मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया। भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि देशभर में मठ-मंदिरों को राजनीतिक अड्डा बनाने का प्रयास हो रहा है। इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। सनातन धर्म वाले स्वयं का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होने दें। साधु-संत को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि जय श्री राम की जगह पर जय सिया राम बोला जाना चाहिए। संत समागम का आयोजन राज्य सरकार के अध्यात्म विभाग की ओर से मिंटो हॉल में किया गया। कम्प्युटर बाबा के नेतृत्व में इस समागम में करीब 1000 साधु-संत शामिल हुए।
कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब इनके पेट में दर्द हो रहा होगा। ये प्रचार करते थे कि उन्होंने धर्म का ठेका लिया है। इनके 15 साल और हमारे लगभग 6-7 महीने ही हुए हैं। मैं ये नहीं कहता कि हमने ये किया, वो किया। क्योंकि हम सेवक हैं। मैं छिंदवाड़ा में मंदिर बना रहा था तो उनके पेट में दर्द होने लगा था।
कमलनाथ ने कहा, दुनिया में भारत की हजारों साल पुरानी पहचान है। वह आर्थिक शक्ति से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शक्ति से है। दुनिया आश्चर्य में पड़ जाती है, जब देखती है कि इतनी अनेकता के बाद भी एकता है और एक झंडे के नीचे पूरा देश खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढी को आध्यात्म से जोड़कर रखना पड़ेगा। इससे हमारी अध्यात्मिक शक्ति, सभ्यता और संस्कृति की मजबूती बनी रहेगी।
