इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में धोखाधड़ी के एक मामले में तुकोगंज पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए 42 वर्षीय पूर्व आरक्षक ने सोमवार शाम करीब पांच बजे एसएसपी के कैबिन के बाहर खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। सिपाहियों ने मटके का पानी उस पर उडेलकर आग बुझाई और चादर में लपेटकर एमवाय अस्पताल ले गए। 35 प्रतिशत झुलसने के कारण डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है। वहीं, बाद में एसएसपी ने तुकोगंज के एसआई और कांस्टेबल को निलंबित कर दिया।

आत्मदाह की कोशिश करने वाला योगेश प्रसाद वर्मा निवासी दत्त नगर है। वह पहले एसएसपी ऑफिस के बाहर बने सुविधाघर में गया और खुद पर केरोसिन डालकर एसएसपी के कैबिन तक पहुंचा। उसे देखकर सिपाही समझे कि बारिश में गीला हो गया। इसलिए नहीं रोका। लेकिन उसने जैसे ही खुद को आग लगाई तो सभी सकते में आ गए। छोटी ग्वालटोली टीआई डीवीएस नागर ने बताया कि योगेश को एमवायएच में भर्ती करवाया है। उसके बयान नहीं हुए हैं, लेकिन तुकोगंज थाने में किसी मामले में कार्रवाई नहीं होने से यह कदम उठाने की बात कही है। तुकोगंज टीआई निर्मल श्रीवास का कहना है कि योगेश की शिकायत पर तत्कालीन टीआई तहजीब काजी ने जफर शेख के खिलाफ केस दर्ज किया था। योगेश की भी गुमशुदगी दर्ज हुई थी। वहीं, महिला द्वारा एसआई पर लगाए आरोपों की जांच की जा रही है।

आरक्षक योगेश वर्मा की पत्नी दिशा वर्मा ने पुलिस को बताया कि मेरे पति कुछ साल पहले पुलिस विभाग में आरक्षक थे। फिर पारिवारिक कारणों से नौकरी छोडकर इंदौर में प्रॉपर्टी ब्रोकर बन गए। एक साल पहले आजाद नगर निवासी जफर शेख ने उनसे कहा कि तुम्हारे पास दो कारें हैं। दो कारें और लोन पर लेकर सभी चार कारें मुझे दे दो। इसके बदले में हर महीने 30 हजार रुपए दूंगा। इसके बाद पति ने फोर्ड फिगो और क्रिएटा कार बैंक से फाइनेंस करवाकर जफर को दी। जफर ने एक रुपया भी नहीं दिया और कारें गिरवी रख दी। 15 हजार रुपए महीने की किस्त नहीं भरने पर पति को बैंक से नोटिस आने लगे।
उन्होंने जफर से बात की, लेकिन हुआ कुछ नहीं। तंगी होने और बैंक के दबाव के कारण पति घर छोडकर चले गए थे। उनकी गुमशुदगी तुकोगंज थाने में दर्ज करवाई थी। कुछ समय बाद वे लौट आए। तब से वे रोज तुकोगंज थाना और एसएसपी ऑफिस के चक्कर लगाते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस मामले की जांच तुकोगंज के एसआई अमर जिनवाल ने की थी, लेकिन उन्होंने जफर से सांठ-गांठ कर उसकी जमानत करवा दी। जफर के पास से पति की कारें भी रिकवर नहीं की। इस कारण हम आर्थिक तंगी में घिर गए। इससे पति चिंताग्रस्त रहते हैं। रविवार रात वे नहीं सोए। सोमवार दोपहर में उन्होंने मुझे कॉल कर बेटी कृति के साथ गरबा करने का बोला था, जो कुछ दिन पहले सडक हादसे में घायल हो गई थी। कुछ देर बाद ही मुझे एसपी ऑफिस से उनके आग लगा लेने की जानकारी मिली।

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