भोपाल। भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्य प्रदेश काडर के अधिकारियों को इन दिनों आम नागरिक की तरह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आनंद उठाने का चस्का लगा हुआ है। ऐसे ही एक मामले में मंडला कलेक्टर जगदीश चंद्र जटिया आईएएस फस गए हैं। केंद्र सरकार ने रिपोर्ट तलब कर ली है। मामला नागरिकता संशोधन कानून 2019 (CAA) का है। मंडला कलेक्टर जगदीश चंद्र जटिया ने सोशल मीडिया पर CAA का विरोध किया था। यह आपत्तिजनक था क्योंकि जगदीश चंद्र जटिया एक आम नागरिक नहीं बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।

एसिड अटैक पीड़ित लक्ष्मी पर आधारित फिल्म ‘छपाक को मप्र में टैक्स फ्री करने को लेकर कलेक्टर जटिया ने फेसबुक प्रोफाइल पर फिल्म का पोस्टर अपलोड करते हुए लिखा था, ‘तुम चाहे जितनी घृणा करो, हम देखेंगे छपाक। इस पर एक मित्र ने टिप्पणी देते हुए लिखा कि जेएनयू के लोग, जो सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे हैं और कुछ अभिनेता उनका समर्थन। क्या यह सही है, जो हमला हुआ है, उसकी जांच सही तरीके से होना चाहिए।

इसका जवाब देते हुए जटिया ने लिखा था कि उन्हें अपने विवेक का इस्तेमाल करना आता है। वे सीएए, एनआरसी का सपोर्ट नहीं करते। हालांकि, विवाद बढ़ने पर उन्होंने इस पोस्ट को न सिर्फ हटा दिया, बल्कि इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने सरकार से कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। राज्य सरकार ने तो इस मामले में कुछ नहीं किया पर केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने जरूर पत्र लिखकर जवाब मांग लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि जवाब देने की प्रक्रिया चल रही है। कलेक्टर से पक्ष लेकर रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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