नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने फिर ईवीएम की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा भाजपा राज में सब गोलमाल है। दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में कोरोना के बिगड़ते हालात और जंगल में आग लगने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान को जि़म्मेदार ठहराया। पश्चिम बंगाल चुनाव के बारे में कहा कांग्रेस और ममता बनर्जी धर्म के नाम पर वोट नही मांगते है। बल्कि भाजपा इसके नाम पर ही वोट मांगती है। भाजपा पर हमला करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा भाजपा नफरत की राजनीति करती है। दुनिया में तानाशाह पहले दुश्मन तय करते हैं। हिटलर ने यहूदियों को दुश्मन करार दिया था। उन्होंने कहा 1926 से संघ और भाजपा ने तय कर रखा है कि मुसलमान उनके दुश्मन हैं। वो अपने स्कूलों में यही पढ़ाते हैं और नया इतिहास गढ़ते हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा ममता बनर्जी ने कभी नफरत की राजनीति नहीं की है। कांग्रेस ने भी ऐसा कभी नहीं किया। गांधीवादी विचारधारा के लोग देश की सनातन संस्कृति प्रेम, सद्भाव और सम्मान पर चलते हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवालदिग्विजय सिंह ने कहा चुनाव कोई धर्मयुद्ध नहीं है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहा है, इसे धर्मयुद्ध कहना धर्म का अपमान है। चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा टी एन शेषन के समय आयोग में जो निष्पक्षता थी अब वो नहीं है। ईवीएम इस्तेमाल के लिए जो प्रोटोकॉल है अब तो उसका भी पूरा पालन नहीं किया जा रहा है।
ईवीएम पर भरोसा नहींअसम में भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी से मिली ईवीएम के साथ पुलिस क्यों नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम विश्व का सबसे बड़ा घोटाला है। इस बारे में वो आयोग से भी चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के प्राण ईवीएम में राजनीतिक रूप से हैं। कानून में अधिकार है जिस को वोट दिया वो उसको मिला या नहीं और उस वोट को गिना गया या नहीं, बुनियादी तौर पर हमें ईवीएम पर भरोसा नहीं है।
