भाेपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जिलों के क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी से कोविड-19 के नियंत्रण पर चर्चा की। सभी जिलों से हालात के बारे में जानकारी ली और उनसे सुझाव भी मांगे। इसके बाद सरकार ने निर्णय लिया कि बड़वानी, राजगढ़, विदिशा जिलों में (शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ) 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। जबकि बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी जिलों (शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों) और जबलपुर शहर में 12 अप्रैल की रात से 22 अप्रैल की सुबह तक लॉकडाउन रहेगा। इंदौर शहर, राऊ नगर, महू नगर, शाजापुर शहर और उज्जैन शहर (उज्जैन जिले के सभी नगरों) में 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक लगातार लॉकडाउन बना रहेगा।
दरअसल, प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसको देखते हुए सरकार की टेंशन बढ़ गई है। इसलिए कई शहरों में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई गई है। फिलहाल, सभी शहरों में शनिवार और रविवार का वीकेंड लॉकडाउन है। इधर, शनिवार को उज्जैन में महाकाल मंदिर के पुजारी की कोरोना से मौत हो गई। जबकि दो अन्य पुजारी संक्रमित होने से अस्पताल में भर्ती हैं। उज्जैन के सभी मंदिर बंद कर दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश के 47 जिलों में 100 से ज्यादा एक्टिव केस
मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 4,986 केस मिले और 24 लोगों की मौत हुई है। सबसे ज्यादा इंदौर में 912 और भोपाल में 736 संक्रमित पाए गए। प्रदेश में अब 32 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं। 52 जिलों में से 47 जिले ऐसे हैं, जहां 100 से ज्यादा एक्टिव केस हैं। अप्रैल के पहले हफ्ते में ही 23 हजार संक्रमित बढ़े हैं। संक्रमण दर 13% से ज्यादा है। अप्रैल के अंत तक 90 हजार संक्रमित होने की संभावना जताई जा रही है।
जानिए शिवराज ने क्या कहा….
- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संकट अभूतपूर्व है, पर आप भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करें। मानवता की सेवा के लिए हमें बिना रुके काम करना है। जल्द ही ये समय बीतेगा और नए उजाले का समय आएगा। हमें घबराना नहीं है, पैनिक नहीं होना है। आप स्वयं को संकट में डालकर दूसरों की रक्षा कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में काम करना अपने आप में एक चुनौती है, फिर भी आप अपना दायित्व पूरा कर रहे हैं।
- सीएम ने कहा कि समय पर उपचार मिले, जितना संभव हो- मरीजों को तत्परता से इलाज उपलब्ध कराएं। यह ऐसी बीमारी है जहां मरीज को अकेले ही रहना होता है। ऐसे में मनोबल टूटता है, हम मरीजों का हौसला और मनोबल बनाकर रखना है। कई बार काम के बोझ के कारण झुंझलाहट होना स्वभाविक है। संयम और धैर्य से कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीती जा सकती है। प्राइवेट सेक्टर के लिए मेरा कहना है कि सरकार ने जो दरें तय की हैं उसी के अनुसार आप चार्ज करें।
जानिए भोपाल और अन्य शहरों के हालात..
भोपाल के कोलार और शाहपुरा क्षेत्र में भी 9 दिन का लॉकडाउन लगाया गया है। पिछले 24 घंटे में रिकाॅर्ड 736 संक्रमित मिले हैं। एक्टिव केस 5011 हैं। शनिवार सुबह से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में लॉकडाउन की सख्ती देखी जा रही है। बाजार पूरी तरह से बंद हैं। सड़कों पर पुलिस तैनात है। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को आने-जाने की छूट दी जा रही है। इंदौर में 24 घंटे में रिकॉर्ड 912 मरीज मिले। पांच की मौत भी हुई है। जबकि 7425 एक्टिव केस हैं। यहां 15 ऐसे इलाके चिन्हित किए गए हैं, जहां 7 दिन तक कंटेनमेंट क्षेत्र एरिया रहेगा और लोगों की आवाजाही सीमित रहेगी। आवश्यक सेवाएं मिलती रहेगी। घर-घर सैंपलिंग का कार्य भी किया जाएगा।
जबलपुर में शुक्रवार को 369 लोग संक्रमित हुए और दो की मौत हुई। कुल एक्टिव केस 2217 हो गए हैं। ग्वालियर में शुक्रवार को 323 नए संक्रमित मिले। एक संक्रमित की मौत भी हुई है। प्रदेश के सिर्फ मुरैना, छतरपुर, सीधी, श्योपुर, भिंड ऐसे जिले हैं, जहां एक्टिव केस 100 के नीचे हैं। बाकी 47 जिलों में 100 या उससे ज्यादा एक्टिव केस हैं।
