जबलपुर. शहर में कोरोना के भीषण संकट के बीच एक बड़ी लापरवाही का वीडियो सामने आया है। सोमवार को जीआरपी के एक जवान ने चोरी के दो आरोपियों को भरे बाजार सेंट्रल जेल तक पैदल चलवाया, यह जानते हुए भी कि उसमें से एक आरोपी कोरोना पॉजिटिव है। वीडियो वायरल होते ही इंदिरा मार्केट क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वहीं जीआरपी टीआई ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि आरोपियों में से एक पॉजिटिव नहीं बल्कि सस्पेक्टेड केस था।
जानकारी के मुताबिक जीआरपी ने मोबाइल चोरी के मामले में खितौला निवासी दो आरोपियों का गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों का टेस्ट कराकर जेल भेजन का आदेश हुआ। दोनों आरोपियों का विक्टोरिया अस्पताल में एंटीजन टेस्ट हुआ और एक आरोपी संक्रमित भी निकला। प्रधान आरक्ष नन्हें लाल और एक और सिपाही खुद पीपीई किट पहनकर दोनों को पैदल लेकर ही निकल पड़े। यह जानते हुए भी कि संक्रमित आरोपी को बाजार से ले जाने में कितना खतरा हो सकता है।
हेड कांस्टेबल नन्हेलाल ने कारण पूछने पर बताया कि थाने की गाड़ी खराब हो गई थी। जब दूसरी गाड़ी के इंतेजाम के बारे में पूछा गया तो टीआई से बात कर लेने को कहा गया। हैरानी की बात ये रही कि आरक्षक नन्हें लाल एक पॉजिटिव आरोपी के साथ नेगेटिव को भी साथ ला रहे थे।
जीआरपी टीआई ने इस मामले में कहा कि बिना जानकारी सोशल मीडिया पर चीजें वायरल की जा रही हैं। आरोपी नागपुर से थे और कोरोना सस्पेक्टेड थे, पॉजिटिव नहीं थे। आरक्षकों ने ये गलती करी की गाड़ी खराब हो गई थी, तो अन्य साधन से उन्हें ले जाना था। हालांकि, वीडियो में आरक्षक स्वयं कह रहा है कि दो आरोपी में से एक पॉजिटिव है।
