ग्वालियर। भिण्ड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में एक वर्ष पूर्व लावारिस झाडियों में पडी मिली 10 माह की मासूम बालिका को आखिरकार मॉं का आंचल मिल ही गया। वहीं शराब के नशे में बच्ची को फेंकने वाले पिता को सात साल की सजा तथा 10 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। लावारिस मिली बालिका ने बिना मॉं के बाके बिहारी बहुउदेशीय महिला कल्याण समिति लहार की देखरेख रखा गया था जहां से उसे उसकी मॉं को सौंप दिया गया है।
बाल कल्याण समिति के सदस्य मनोज जैन ने बताया कि ग्वालियर जिले के मुरार थाना क्षेत्र के ग्राम दहेली निवासी रमेश शर्मा ने आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण सितम्बर 2014 में बालिका को घर से चुपचाप उठाकर भिण्ड जिले के मालनपुर लाया और झाडियों में फेंक कर चला गया। पुलिस ने बच्ची को उठाकर भिण्ड के जिला अस्पताल में भिजवा दिया। जहां कुछ दिन उसका इलाज किया गया बाद में उसे बाके बिहारी बहुउदेशीय महिला कल्याण समिति लहार भिजवा दिया गया। बाद में जब बच्ची की मॉं को पता चला कि उसी का पिता उसे झाडियों में मरने के लिए फेंक आया है तो बच्ची की मॉं रुपा देवी ने मालनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई की जो बच्ची लावारिस मिली है उसकी है उसे उसका ही पिता रमेश शर्मा फेंक गया है। रुपा की रिपोर्ट पर मालनपुर थाने में बच्ची के पिता रमेश शर्मा के खिलाफ हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया।
जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य मनोज जैन ने बताया कि बच्ची नेंसी की मॉं रुपा देवी के बयान व उसके द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर बच्ची को सौंप दिया गया है। और बच्ची के पिता रमेश शर्मा को गोहद न्यायालय द्वारा सात साल की सश्रम सजा व 10 हजार रुपए अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।
