भोपाल ! अगले वित्त वर्ष में राज्य का बजट बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक का होगा। बजट को अंतिम रूप देने में जुटे वित्त विभाग के आला अफसरों ने माथापच्ची तेज कर दी है। बजट में वित्तीय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। खजाने की स्थिति में सुधार के उपाय किये गये हैं। वित्तमंत्री जयंत मलैया ने विभाग के आला अफसरों के साथ बजट पर गंभीर मंथन किया और 16-17 के लिए बजट तैयार करने की शुरूआत कर दी है। इसमें चालू वर्ष की अपेक्षा करीब पन्द्रह प्रतिशत तक की वृद्धि मूल बजट में होगी।
पिछले साल मूल बजट 1.31 लाख करोड़ था, जिसके बाद तीन अनुपूरक बजट आए। इन अनुपूरक बजट के बाद 13 हजार करोड़ और बढ़ गए थे। वित्त मंत्री जयंत मलैया वित्त से लेकर वाणिज्यिक कर विभाग तक की समीक्षा कर चुके हैं। विधानसभा के 23 फरवरी से शुरू होने जा रहे बजट सत्र में सदन के पटल पर चर्चा और अनुमोदन हेतु रखा जाना है।
अफसरों ने इसकी पूरी जानकारी भी वित्तमंत्री श्री मलैया के सामने रखी गई। इसमें करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा योजनावार बढ़ाने की कोशिश भी की गई है। हालांकि इस साल सरकार की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं रही है। इसलिए अगले वित्तीय सत्र में सारा जोर वित्तीय प्रबंधन पर रखना तय किया गया है। इसके अलावा अगले तीन महीने में बजट के प्रबंधन को लेकर भी जरूरी निर्देश जारी किये जा रहे हैं।
वांछित लक्ष्य से दूर
वित्त विभाग के आला अफसरों ने खजाने की स्थिति ठीक बताई है, लेकिन विभाग ने सलाह भी दी है वर्तमान में चल रही बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान केन्द्र करना होगा। विभाग के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना राजस्व आय में बढ़ी हैए लेकिन अभी वांछित लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। प्रदेश में प्राकृतिक आपदा और सूखे के कारण खजाने की स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। केन्द्र से उम्मीद के मुताबिक मदद न मिलने के कारण राज्य सरकार के खजाने की स्थिति को अनुकूल नहीं माना गया है।
