ग्वालियर। अब आत्मरक्षा के लिए लडकियों को किसी के सहारे की जरुरत नहीं होंगी। अब वह स्वयं अपनी रक्षा करने के लिए समर्थ हो रही है। भिण्ड में असुरक्षा के चलते काफी हद तक लडकियों की शिक्षा बीच में ही छूट जाती है। ट्यूशन तथा कोचिंग के लिए छात्राओं को घर से बाहर भेजने में पालक असहजता महसूस कर रहे हैं। ऐसे में छात्राओं में सुरक्षा की भावना जगाने के लिए छात्राओं को पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन की पहल पर सिटी सेंट्रल स्कूल में निःशुल्क कराटे प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ किया गया है। इसमें अभी फिलहाल आधा सैकडा से अधिक छात्रायें सेल्फ डिफेंस के गुर सीख रही है। अभिनव प्रयास में न केवल लडकियों में सेल्फ डिफेंस की भावना जाग्रत हुई है, बल्कि बडी संख्या में लडकियां अराजक तत्वों से निवटने के लिए तैयार है।
सिटी सेंट्रल स्कूल स्कूल परिसर में सुवह 9 बजे से 11 बजे तक छात्राओं को प्रतिदिन प्रशिक्षण दिया जाता है। दो घण्टे के इस प्रशिक्षण में छात्राओं को कडी मेहनत से गुजरना पडता है। स्कूली छात्राऐं कराटे के गुर सीख रही है।
भिण्ड पुलिस में निर्भया टीम की प्रभारी दीपशिखा ने प्रशिक्षण शिविर में पहुंचकर छात्राओं का हौंसला बढाते हुए कहा कि लडकियों को अपने आप को किसी से कम नहीं समझना चाहिए। आज के समय में लडकी, लडकों की अपेक्षा किसी प्रतियोगिता में पीछे नहीं है। दीपशिखा ने छात्राओं को प्रशिक्षण शिविर में कराटे की अलग-अलग कलाऐं बताई। तथा छात्राओं को जीवन में संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया।
कराटे मास्टर रहीस खान ने छात्राओं को कराटे की प्रमुख कलाओं का बारीकी से ज्ञान कराया जा रहा है जिससे मुसीवत के समय लडकी घबराए नहीं बल्कि संघर्ष करे।
एडीशनल एसपी अमृत मीणा ने कहा कि शिविर का मतलब लडकियों में सेल्फ कॉन्फीडेंस पैदा करना तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में आत्म रक्षा करने के साथ सोशल पुलिसिंग करना भी है।
