मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना आदिमजाति कल्याण विभाग के बाबू को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बाबू ने पंप का ऊर्जीकरण योजना के तहत एक किसान से रुपया निकालने के एवज में 15 हजार रुपये की डिमांड की थी। लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर छोड़ दिया है।
जानकारी के अनुसार मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले कैमपुरा गांव निवासी सुरेशचंद कटारे ने कुछ माह पहले पंप का ऊर्जीकरण योजना के तहत अपने खेत पर विद्युत ट्रांसफार्मर रखवाने के लिए आदिमजाति कल्याण विभाग में आवेदन किया था। आवेदन पर सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ट्रांसफॉर्मर तथा विद्युत लाइन के लिए पैसे निकालने की बारी आई तो आदिमजाति कल्याण विभाग के ऑफिस में पदस्थ बाबू जगदीश वर्मा ने 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। किसान सुरेशचंद ने बाबू के काफी हाथ-पैर जोड़े कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, तथा वह रिश्वत देने में असमर्थ है, लेकिन बाबू के तेवर नहीं बदले किसान ने हारकर इसकी शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त एसपी से की।
एसपी के निर्देश पर किसान तथा बाबू के बीच हुई लेन-देन की बातचीत की रिकार्डिंग कराई गई। इसके बाद लोकायुक्त ने बाबू जगदीश वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया। आज डीएसपी लोकायुक्त बृजमोहन नरवरिया के नेतृत्व में टीम ने मुरैना में छापामार कार्रवाई की। किसान सुरेशचंद आदिमजाति कल्याण विभाग के ऑफिस पहुंचकर बाबू को 10 हजार रुपये रिश्वत दे रहा था, तभी लोकायुक्त की टीम ने उसे पकड लिया। बाबू के हाथ धुलवाने पर वही कलर निकला जो नोटों पर लगा हुआ था।
