जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल के पुर्नगठन के तहत नए मंत्रियों के शपथ लेने से पहले रविवार को जयपुर में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक हुई। मंत्रिमंडल में 15 नए मंत्री शाम को शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार में 11 कैबिनेट मंत्री व चार राज्य मंत्री होंगे। कैबिनेट में 12 नए चेहरे शामिल होंगे, जिसमें पांच चेहरे सचिन पायलट खेमे के होंगे। इधर, कैबिनेट फेरबदल पर कांग्रेस विधायक शफिया जुबैर ने कहा कि महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण नहीं मिला। वहीं, टीकाराम पर कांग्रेस में ही विरोध शुरू हो गया है। इस बीच, अशोक गहलोत ने कहा जिन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं किया जा सका, उनकी अहमियत कम नहीं हुई है। इधर, अशोक गहलोत ट्वीट में लिखा कि राजस्थान सरकार के मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सभी विधायकगणों को शुभकामनाएं। पिछले 35 महीने में हमारी सरकार ने प्रदेश को संवेदनशील, पारदर्शी व जवाबदेह सुशासन देने का कार्य किया है। 

  गहलोत ने कहा कि हम सब एकजुटता के साथ कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी व राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की नीति, विचारधारा व कार्यक्रम को आम जनता तक लेकर जाएंगे व विकास के एजेंडे पर फिर 2023 के विधानसभा चुनाव को जीतकर पुन: राजस्थान में सरकार बनाएंगे। हमारे कार्यकाल में हुए विधानसभा उपचुनावों व स्थानीय निकायों के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को जीत दिलाकर जनता ने हमारी सरकार के सुशासन पर मुहर लगाई है। हम सभी को आने वाले समय में भी जनता के इस विश्वास को बनाए रखने का है। इसके लिए पूरी मेहनत व समर्पण के साथ कार्य जारी रखना है।

  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट में चल रही तनातनी के बीच कांग्रेस आलाकमान ने मंत्रिमंडल के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए फार्मूला भी तय कर दिया है। इसके बाद शनिवार को सभी मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए थे। अब राजस्थान में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर पुनर्गठन किया जा रहा है। रविवार शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा। राज्यपाल कलराज मिश्र मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सीएम गहलोत ने शनिवार को ही राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की।

शनिवार शाम को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में गोविंद सिंह डोटासरा ने मंत्रियों के इस्तीफे दिए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। एक दिन पहले शुक्रवार को ही कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, चिकित्सा मंत्री डा.रघु शर्मा और राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे। संगठन के कार्य के चलते उक्त तीनों मंत्रियों ने इस्तीफे दिए थे। मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नामों को लेकर बड़ी मुश्किल से सहमति बनी है। शुक्रवार रात जयपुर पहुंचे पार्टी के प्रदेश प्रभारी अजय माकन और गहलोत के बीच शनिवार शाम तक चार बार बैठकें हुईं। अंतिम बैठक शनिवार शाम पांच बजे हुई, जिसमें मंत्री बनने वालों की सूची को अंतिम रूप दिया गया। सीएम ने मंत्रिमंडल की बैठक पहले शाम साढ़े पांच बजे बुलाई थी। 

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