इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने आज सुबह इंदौर में पदस्थ महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के आवास और अन्य ठिकानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा किया है। छापे की कार्रवाई में पांच मंजिला बिल्डिंग के अलावा पीथमपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में करोड़ों की जमीन और भूखंड की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कई बैंक खाते, बीमा पॉलिसी भी मिली है। जिस अधिकारी के घर छापा पड़ा, उसके बारे में लोकायुक्त एसपी डॉक्टर राजेश सहाय को खबर मिली थी कि स्कीम 103 चोइथराम मंडी के पास रहने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल ने कम समय में सेवा में रहते हुए करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है।

महिला एवं बाल विकास अधिकारी का सेवाकाल 30 वर्ष का है। वह 1996 में सेवा में आए थे। इस हिसाब से उनका कुल वेतन 2.5 करोड़ रुपए होता है, जबकि उन्होंने 241त्न अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की है। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच-पड़ताल की गई थी, जो सही पाई गई। उसके बाद आज सुबह तीन टीमें गठित कर उन्हें कार्रवाई के लिए भेजा गया। टीम में डीएसपी सुनील तलन, निरीक्षक आशुतोष मिठास एवं निरीक्षक प्रतिभा तोमर के अलावा 65 कर्मचारी शामिल रहे। तीनों टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। पहली कार्रवाई स्कीम 103 में की गई, जहां अधिकारी की पांच मंजिला आलीशान बिल्डिंग है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर डिपार्टमेंटल स्टोर है। इसका संचालन कंडवाल के दोनों बेटे पवन एवं अभिषेक करते हैं। लोकायुक्त एसपी डॉक्टर राजेश सहाय ने बताया कि प्रारंभिक कार्रवाई में 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति उजागर हुई है, जो और बढ़ सकती है। बैंक ऑफ इंडिया में एक लॉकर मिला है, जिसे दोपहर बाद खोला जाएगा। 15 से ज्यादा बैंक खाते, कई बीमा पॉलिसी तथा जमीनों के दस्तावेज छापामार कार्रवाई के दौरान घर से मिले हैं।

पीथमपुर में करोड़ों की जमीन का खुलासा
छापामार कारवाई के दौरान लोकायुक्त की टीम ने पीथमपुर में करोड़ों की जमीन होने की जानकारी उजागर की है। एक ओर जहां स्कीम 140 में 10 स्क्वेयर फीट के दो बड़े प्लाट मिले हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है, वहीं पीथमपुर में 11 अलग-अलग कीमती भूखंड होने की भी जानकारी मिली है। पीथमपुर क्षेत्र से लगे ग्रामीण इलाके तारपुर, फेंकवाए, बनेडिय़ा में जमीन होने की पुख्ता जानकारी प्राप्त हुई है। उनके दस्तावेज भी घर से मिले हैं।

पहले तो अफसरों को रोका, फिर हुआ कार्रवाई के लिए राजी

लोकायुक्त की टीम सुबह 6 बजे जब महिला विकास अधिकारी के घर पहुंची तो अधकारी ने अफसरों से पूछा कि आप कौन हैं। आपके के पास कार्रवाई करने के लिए कोई वारंट है, इसप र एक अफसर ने कहा कि तुम्हारे खिलाफ हमारे पास पुख्ता सबूत है। इस पर तो पहले संबंधित अधिकारी कार्रवाई रोकने के लिए अडा रहा और बाद जब लोकायुक्त अफसर ने सख्ती दिखाई तो वह चुप हो गया और पूरी कार्रवाई के दौरान सौफे पर अकेला शांत बैठा रहा।

कार और दोपहिया वाहन मिले
छापे की कारवाई के दौरान आवास परिसर में खड़े चार वाहन भी लोकायुक्त की टीम ने जब्त किए। इनमें एक महंगी कार, एक बाइक, दो स्कूटी शामिल हैं।

कार्रवाई की भनक नहीं लगने दी
लोकायुक्त पुलिस ने छापे की कार्रवाई इतने गोपनीय तरीके से की कि किसी को भनक तक नहीं लगी। टीम जब पहुंची तो परिवार के लोग सो रहे थे। बेल बजाने पर परिवार वाले उठे तो देखा कि सामने लोकायुक्त की टीम खड़ी थी।

एंबुलेंस, डॉक्टर की टीम तैनात थी
छापे की कार्रवाई के दौरान किसी की तबीयत खराब न हो जाए इसको देखते हुए मौके पर एंबुलेंस भी खड़ी कराई गई थी। यही नहीं, पांच सदस्यीय डॉक्टरों की टीम को भी बुलाया गया था। अभी कार्रवाई निरंतर जारी है।

व्यावसायिक परिसर का निर्माण
महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने 5 मंजिला बिल्डिंग की दूसरी व तीसरी मंजिल पर सुपर मार्केट बना रखा है। यहां व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया गया है। अंतिम माले पर उनका परिवार रहता है। परिवार में दो बेटे-बहू हैं। ऊपरी भाग पर अधिकारी का आलीशान आफिस भी बना हुआ है, जिसमें कई विलासिता की वस्तुएं रखी हुी थी। अधिकारियों ने देखा तो वह भौंचक्के रह गए।