भोपाल। प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की अनुशंसा पर हरदा, दतिया, सागर और खंडवा कलेक्टरों ने कोरोना कर्फ्यू  लागू कर दिया है। सागर में गुरुवार रात्रि से 21 अप्रैल सुबह 6 बजे तक, खंडवा में 23 अप्रैल और दतिया तथा हरदा में 26 अप्रैल तक कोरोना कμर्यू लागू रहेगा। इस तरह अभी तक प्रदेश के 27 जिलों में कोरोना कर्फ्यू लागू हो चुका है। यानि प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में कोरोना कर्फ्यू  लग चुका है। हरदा कलेक्ट्रेट में गुरुवार को वर्चुअल बैठक कृषि विकास मंत्री कमल पटेल की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा, कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाने की जरूरत है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में 16 से 26 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू लागू किया जाए। इसके बाद कलेक्टर हरदा ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया। उधर, दतिया में कलेक्टर संजय कुमार व सागर में कलेक्टर दिलीप सिंह ने कोरोना कर्फ्यू लागू करने संबंधी आदेश जारी किए। वहीं, सागर में ये बैठक कलेक्टर ने बुलाई थी, जबकि मुरैना में आयोजित बैठक में कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच कोरोना कर्फ्यू को लेकर विवाद हो गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को मप्र में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा में अधिकारियों ने बताया, 44 जिलों में बीते 30 दिन में 79%संक्रमण बढ़ा है। शहरी क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब हैं। केंद्र सरकार ने कहा, मप्र सरकार अस्पताल प्रोटोकॉल लागू करे। प्रदेश में जांच (टेस्ट), निगरानी, इलाज व कोरोना गाइडलाइन का पालन और टीकाकरण के लिए तेजी से काम किया जाए। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार भल्ला व मप्र से मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित केंद्र व राज्य के अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रदेश की तरफ से बताया गया कि पिछले 2 सप्ताह में ही 13.4% नए केस मिले हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और खंडवा हैं। इसके लिए आरटी-पीसीआर की जांच बढ़ा दी गई है। केंद्रीय अफसरों ने मप्र की भौगोलिक स्थिति को भी कोरोना संक्रमण की दर बढ़ने के लिए एक कारण बताया। केंद्र ने कहा, अस्पतालों में आक्सीजन वाले बिस्तर सहित अन्य आवश्यकताओं की आपूर्ति बनाए रखें। इसके लिए मप्र केंद्रीय संस्थाओं जैसे रेलवे, कोल इंडिया आदि के अस्पतालों की मदद भी ले। इसके अलावा एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों और नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे जूनियर्स का भी सहयोग लिया जाए।

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